केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने 4 अक्टूबर 2026 को खटीमा में उत्तराखंड के जनजातीय समुदायों और उनकी विशिष्ट पहचान पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि देश ने हमेशा इन समुदायों की अलग पहचान को मान्यता दी है।

रिजिजू के अनुसार, उत्तराखंड में जनजातीय आबादी का विस्तार अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों में दिखाई देता है। इसमें तराई के मैदानी इलाकों से लेकर मध्य पहाड़ और बर्फ से ढके दूरदराज क्षेत्र शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि भोटिया समुदाय ऊंचाई वाले हिमालयी इलाकों में रहता है। उनके मुताबिक, राज्य में थारू समुदाय की आबादी सबसे अधिक है। इसके बाद बुक्सा और जौनसारी समुदायों का स्थान आता है। राजी समुदाय की मौजूदगी भी उत्तराखंड और अन्य क्षेत्रों में है।

जनजातीय मामलों के मंत्रालय का जिक्र

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में देश में जनजातीय मामलों के लिए अलग मंत्रालय बनाया गया था। जुएल ओराम को इसका पहला मंत्री नियुक्त किया गया था। रिजिजू ने कहा कि इस कदम के बाद लोगों में जनजातीय समुदायों के बारे में जानने की रुचि बढ़ी।

उन्होंने उत्तराखंड में 5 प्रमुख जनजातियों के साथ अन्य समुदायों की मौजूदगी का भी उल्लेख किया। उनके बयान के अनुसार, राज्य में जनजातीय आबादी की संख्या महत्वपूर्ण है, हालांकि इस बयान में कुल आबादी का आंकड़ा नहीं बताया गया।

रिजिजू ने खुद को हिमालयी क्षेत्र से जुड़ा और जनजातीय समुदाय का सदस्य बताया। इसी वजह से उन्होंने इस महोत्सव से अपना व्यक्तिगत जुड़ाव महसूस होने की बात कही।

निष्कर्ष

खटीमा में दिए बयान में किरेन रिजिजू ने उत्तराखंड की जनजातीय विविधता, भौगोलिक फैलाव और अलग पहचान को रेखांकित किया। उन्होंने मंत्रालय की स्थापना और राज्य के प्रमुख जनजातीय समुदायों का भी उल्लेख किया।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. यह बात किसने कही?

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने यह बात खटीमा में कही।

Q. बयान में किस राज्य का उल्लेख हुआ?

बयान में उत्तराखंड की जनजातीय आबादी और समुदायों का उल्लेख किया गया।

Q. उत्तराखंड में सबसे अधिक आबादी वाला समुदाय कौन सा बताया गया?

रिजिजू ने थारू समुदाय को राज्य का सबसे अधिक आबादी वाला जनजातीय समुदाय बताया।

Q. किन अन्य समुदायों का नाम लिया गया?

बुक्सा, जौनसारी और राजी समुदायों का नाम लिया गया। भोटिया समुदाय का भी उल्लेख हुआ।

Q. भोटिया समुदाय किन क्षेत्रों में रहता है?

भोटिया समुदाय के बर्फ से ढके दूरदराज हिमालयी क्षेत्रों में रहने की बात कही गई।

Q. जनजातीय मामलों के मंत्रालय से जुड़ी क्या जानकारी दी गई?

कहा गया कि अटल बिहारी वाजपेयी ने यह मंत्रालय बनाया और जुएल ओराम इसके पहले मंत्री बने।

Q. उत्तराखंड में कितनी प्रमुख जनजातियों का उल्लेख हुआ?

बयान में उत्तराखंड में 5 प्रमुख जनजातियों के साथ अन्य समुदायों की मौजूदगी बताई गई।