काशीपुर में रविवार शाम करीब 4:00 बजे आई तेज आंधी से जनजीवन प्रभावित हो गया। शहर के अलग-अलग इलाकों में 11 पेड़ और उनकी टहनियां सड़कों पर गिर गईं। इससे कई मार्गों पर घंटों यातायात बाधित रहा।
आंधी के दौरान आसमान में धूल-मिट्टी का गुबार छा गया। तेज हवाओं और कम दृश्यता के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी हुई। कई लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी।
आलू फार्म, बाजपुर रोड, कोर्ट रोड, आवास विकास, ढकिया रोड, कुंडा रोड और मानपुर रोड समेत शहर के कई मार्गों पर पेड़ गिरने से आवागमन प्रभावित हुआ। बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त होने के कारण सरकारी और निजी कार्यालयों का कामकाज भी प्रभावित रहा।
राहत और बहाली का काम
सूचना मिलने के बाद प्रशासन, पुलिस और ऊर्जा निगम की टीमें मौके पर सक्रिय हुईं। कटर और जेसीबी की मदद से सड़कों पर गिरे पेड़ों को हटाया गया। इसके बाद यातायात सुचारु हो सका।
ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता अजीत यादव ने बताया कि पेड़ और उनकी टहनियां बिजली की लाइनों पर गिरने से आपूर्ति बाधित हुई थी। बिजली आपूर्ति शाम 4:00 बजे से 7:10 AM तक ठप रही। आंधी थमने के बाद इसे बहाल करा दिया गया।
निष्कर्ष
तेज आंधी से काशीपुर में 11 पेड़ गिरने, कई मार्गों पर यातायात रुकने और बिजली आपूर्ति बाधित होने से जनजीवन प्रभावित रहा। प्रशासन, पुलिस और ऊर्जा निगम की कार्रवाई के बाद रास्ते साफ किए गए और बिजली बहाल कर दी गई।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. काशीपुर में आंधी कब आई?
रविवार शाम करीब 4:00 बजे तेज आंधी आई थी।
Q. आंधी से कितने पेड़ गिरे?
शहर के अलग-अलग इलाकों में 11 पेड़ और उनकी टहनियां सड़कों पर गिर गईं।
Q. किन मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ?
आलू फार्म, बाजपुर रोड, कोर्ट रोड, आवास विकास, ढकिया रोड, कुंडा रोड और मानपुर रोड समेत कई मार्ग प्रभावित हुए।
Q. बिजली आपूर्ति कितनी देर बंद रही?
बिजली आपूर्ति शाम 4:00 बजे से 7:10 AM तक ठप रही।
Q. रास्तों से गिरे पेड़ किसने हटाए?
प्रशासन, पुलिस और ऊर्जा निगम की टीमों ने कटर और जेसीबी की मदद से पेड़ हटाए।










