नैनीताल के ज्योलीकोट क्षेत्र में पीलिया के प्रकोप के बाद लोगों के मन में बना बीमारी का डर कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग काउंसलिंग और योग का सहारा ले रहा है। विभाग की टीम लगातार लोगों से संपर्क कर उन्हें बीमारी के प्रति जागरूक कर रही है।
बीते महीनों में ज्योलीकोट क्षेत्र में 500 से अधिक लोग पीलिया की चपेट में आए थे। एहतियात के तौर पर करीब 2 महीने तक स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखे गए। मामलों में कमी आने के बाद 5 अक्तूबर को स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र फिर खोले गए।
बीमारी के डर का असर स्कूल खुलने के शुरुआती दिनों में बच्चों की उपस्थिति पर भी पड़ा। हालांकि, अब स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन लोगों की आशंकाएं पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। इसी वजह से स्वास्थ्य विभाग जागरूकता के साथ मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान दे रहा है।
काउंसलिंग और योग से भरोसा बढ़ाने की कोशिश
सीएमओ डॉ. रश्मि पंत ने बताया कि विभाग की टीम लोगों से लगातार संपर्क कर उनकी काउंसलिंग कर रही है। योग के जरिए उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि बीमारी को लेकर अनावश्यक भय कम हो और जागरूकता बढ़े।
स्वास्थ्य विभाग स्कूलों से भी लगातार संपर्क में है। विभाग मरीजों की ट्रैकिंग के साथ उनकी स्वास्थ्य जांच कर रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, फिलहाल ध्यान लोगों का भरोसा बढ़ाने, बीमारी के प्रति सही जानकारी देने और स्वास्थ्य निगरानी जारी रखने पर है।
निष्कर्ष
ज्योलीकोट में पीलिया के मामलों में कमी के बाद स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र खुल चुके हैं। फिर भी लोगों की आशंकाएं दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग काउंसलिंग, योग, मरीजों की ट्रैकिंग और स्वास्थ्य जांच जारी रखे हुए है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. ज्योलीकोट में स्वास्थ्य विभाग काउंसलिंग क्यों करा रहा है?
पीलिया के प्रकोप के बाद लोगों के मन में बीमारी को लेकर डर और आशंकाएं बनी हुई हैं। इन्हें दूर करने के लिए काउंसलिंग कराई जा रही है।
Q. ज्योलीकोट में कितने लोग पीलिया की चपेट में आए थे?
बीते महीनों में 500 से अधिक लोग पीलिया की चपेट में आए थे।
Q. स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र कितने समय तक बंद रहे?
एहतियात के तौर पर स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र करीब 2 महीने तक बंद रखे गए थे।
Q. स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र कब खोले गए?
मामलों में कमी आने के बाद 5 अक्तूबर को स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र खोले गए।
Q. स्वास्थ्य विभाग अभी कौन-कौन से काम कर रहा है?
विभाग काउंसलिंग, योग, जागरूकता, मरीजों की ट्रैकिंग और स्वास्थ्य जांच कर रहा है।
Q. बीमारी का असर बच्चों की उपस्थिति पर पड़ा था?
हां, बीमारी के भय के चलते स्कूल खुलने के शुरुआती दिनों में बच्चों की उपस्थिति कम रही थी।








