हरिद्वार में पूर्व उत्तराखंड मुख्यमंत्री हरिश रावत ने फारूक अब्दुल्ला की टिप्पणी पर पाकिस्तान को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि फारूक अब्दुल्ला की इस मुद्दे को लेकर अपनी समझ हो सकती है, लेकिन पाकिस्तान कश्मीर में आतंकवाद को जिंदा रखना चाहता है और वही आतंकवाद का स्रोत है।

हरिश रावत ने कहा कि पाकिस्तान को भी आतंकवाद की कीमत चुकानी पड़ी है। उनके मुताबिक, इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि देश के विकास और जनकल्याण पर खर्च होने वाले संसाधनों का एक हिस्सा सुरक्षा से जुड़ी दूसरी जिम्मेदारियों पर लगाना पड़ता है।

आंतरिक सुरक्षा पर खर्च का जिक्र

रावत ने कहा कि भारत को आंतरिक सुरक्षा पर खर्च करना पड़ता है और अन्य जिम्मेदारियां भी निभानी होती हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सुरक्षा पर होने वाला खर्च इस बात का मतलब नहीं है कि देश अपनी सुरक्षा से समझौता करे।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि चाहे जितना भी खर्च करना पड़े, आंतरिक सुरक्षा सीमा सुरक्षा जितनी ही महत्वपूर्ण है। उनका बयान इसी बात पर केंद्रित रहा कि देश की सुरक्षा प्राथमिकता बनी रहनी चाहिए।

यह बयान 24 अक्टूबर 2026 को जारी पीटीआई वीडियो से सामने आया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, रावत ने यह प्रतिक्रिया हरिद्वार में फारूक अब्दुल्ला की टिप्पणी के संदर्भ में दी। फारूक अब्दुल्ला की मूल टिप्पणी का विवरण उपलब्ध सामग्री में नहीं दिया गया है।

निष्कर्ष

हरिश रावत ने पाकिस्तान पर कश्मीर में आतंकवाद बनाए रखने का आरोप लगाया और कहा कि भारत को आंतरिक सुरक्षा पर संसाधन लगाने पड़ते हैं। उन्होंने आंतरिक और सीमा सुरक्षा, दोनों को समान रूप से महत्वपूर्ण बताया।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. हरिश रावत ने यह बयान कहां दिया?

हरिश रावत ने यह बात हरिद्वार में कही।

Q. रावत किसकी टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दे रहे थे?

उन्होंने फारूक अब्दुल्ला की टिप्पणी के संदर्भ में प्रतिक्रिया दी।

Q. पाकिस्तान को लेकर रावत ने क्या कहा?

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान कश्मीर में आतंकवाद को जिंदा रखना चाहता है और आतंकवाद का स्रोत है।

Q. भारत पर इसका क्या असर बताया गया?

रावत ने कहा कि भारत को आंतरिक सुरक्षा और दूसरी जिम्मेदारियों पर संसाधन खर्च करने पड़ते हैं।

Q. सुरक्षा को लेकर रावत का क्या कहना था?

उन्होंने कहा कि आंतरिक सुरक्षा सीमा सुरक्षा जितनी ही महत्वपूर्ण है और सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता।