देहरादून में उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता हरीश रावत ने राज्यपाल नियुक्त किए गए व्यक्ति की नियुक्ति रद्द करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर शपथ हो चुकी है, तो संबंधित व्यक्ति को पद से हटाया जाना चाहिए।
हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस 27 तारीख को गैरसैंण में यह मांग उठाएगी। उनके मुताबिक, यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उस ‘वीआईपी’ को कानून के दायरे में नहीं लाया जाता।
अंकिता भंडारी का जिक्र
रावत ने इस मुद्दे को अंकिता भंडारी की गरिमा से जुड़ा बताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड इस मामले पर चुप नहीं रहेगा। रावत के अनुसार, अंकिता अब सिर्फ भंडारी दंपती की बेटी नहीं हैं, बल्कि पूरे उत्तराखंड और देश की बेटी हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने बयान में संबंधित नियुक्ति को रद्द करने की मांग दोहराई। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शपथ हो जाने की स्थिति में उनकी मांग बर्खास्तगी की होगी। हालांकि, उपलब्ध बयान में उस व्यक्ति का नाम नहीं बताया गया है, जिसे राज्यपाल नियुक्त किए जाने का उल्लेख किया गया है।
रावत ने 27 तारीख को गैरसैंण में इस मांग को सार्वजनिक रूप से उठाने की बात कही है। उन्होंने आंदोलन जारी रखने का ऐलान भी किया, लेकिन इसके आगे की रणनीति या कार्यक्रम का विस्तृत ब्योरा उपलब्ध बयान में नहीं है।
राजनीतिक और स्थानीय असर
इस बयान से अंकिता भंडारी मामले को लेकर उत्तराखंड की राजनीति में जारी बहस के और तेज होने के संकेत मिलते हैं। रावत ने अपने वक्तव्य में इसे किसी एक परिवार तक सीमित विषय नहीं माना और इसे उत्तराखंड की बेटियों की गरिमा से जोड़ा।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में सरकार या संबंधित नियुक्त व्यक्ति की ओर से इस मांग पर कोई प्रतिक्रिया शामिल नहीं है। इसलिए नियुक्ति रद्द करने या बर्खास्तगी को लेकर आगे की कार्रवाई के बारे में कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
निष्कर्ष
हरीश रावत ने राज्यपाल नियुक्त किए गए व्यक्ति की नियुक्ति रद्द करने की मांग की है। उन्होंने शपथ हो जाने पर बर्खास्तगी की मांग उठाने और 27 तारीख को गैरसैंण से आंदोलन जारी रखने की बात कही है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. हरीश रावत ने क्या मांग की है?
उन्होंने राज्यपाल नियुक्त किए गए व्यक्ति की नियुक्ति रद्द करने की मांग की है। शपथ हो जाने पर उन्होंने बर्खास्तगी की मांग की है।
Q. यह मांग किस मामले के संदर्भ में उठाई गई है?
रावत ने इसे अंकिता भंडारी की गरिमा से जुड़ा मामला बताया है।
Q. यह मुद्दा कब और कहां उठाया जाएगा?
रावत ने कहा कि यह मांग 27 तारीख को गैरसैंण में उठाई जाएगी।
Q. रावत ने आंदोलन के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक संबंधित ‘वीआईपी’ को कानून के दायरे में नहीं लाया जाता।
Q. क्या संबंधित व्यक्ति का नाम बताया गया है?
उपलब्ध बयान में राज्यपाल नियुक्त किए गए व्यक्ति का नाम नहीं बताया गया है।












