हरिद्वार से निकलने वाली गंगनहर में मंगलवार रात पानी की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी। दशहरे से दीपावली तक चलने वाली इस वार्षिक बंदी के दौरान नहर की सफाई, मरम्मत और रखरखाव से जुड़े काम कराए जाएंगे। विभाग के अनुसार, दीपावली की रात नहर में दोबारा पानी छोड़कर जलापूर्ति शुरू कर दी जाएगी।

उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता विकास त्यागी ने बताया कि गंगनहर की बंदी हर साल निर्धारित परंपरा के अनुसार की जाती है। इस दौरान पानी का बहाव रोककर नहर के अलग-अलग हिस्सों में जरूरी काम पूरे कराए जाएंगे।

हरिद्वार से कानपुर तक होंगे काम

बंदी की अवधि में हरिद्वार से कानपुर तक गंगनहर के विभिन्न हिस्सों में सफाई और मेंटेनेंस किया जाएगा। नहर का पानी रुकने से उन हिस्सों तक पहुंचना आसान होगा, जहां बहाव के दौरान मरम्मत या सफाई करना मुश्किल होता है।

काम के दौरान नहर के तल में जमा सिल्ट, गाद और अन्य अवरोधों को हटाया जाएगा। इसके साथ ही विभाग नहर की स्थिति का निरीक्षण कर आवश्यक रखरखाव के काम पूरे करेगा। इन गतिविधियों का उद्देश्य जल प्रवाह क्षमता बनाए रखना और आगे जलापूर्ति को सुचारू रखना है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर में असर की संभावना

गंगनहर का पानी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों के लिए अहम है। नोएडा, एनसीआर, गाजियाबाद, मेरठ और मुजफ्फरनगर समेत कई क्षेत्रों में इसका इस्तेमाल पेयजल और सिंचाई की जरूरतों के लिए किया जाता है।

इसलिए नहर बंद रहने के दौरान इन इलाकों में पानी की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। असर कितना होगा, यह स्थानीय जल स्रोतों, भंडारण और वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर निर्भर करेगा। नहर के पानी पर निर्भर पेयजल प्रणालियों और सिंचाई व्यवस्था के लिए यह अवधि खास तौर पर महत्वपूर्ण रहेगी।

इस दौरान उपलब्ध पानी का इस्तेमाल जरूरत के अनुसार करने और अनावश्यक बर्बादी रोकने पर जोर रहेगा। संबंधित क्षेत्रों में जल प्रबंधन की स्थिति स्थानीय संसाधनों और वैकल्पिक इंतजामों से तय होगी।

कुंभ 2027 की तैयारियों में भी मिलेगी सुविधा

हरिद्वार में कुंभ 2027 की तैयारियों के लिहाज से भी गंगनहर की वार्षिक बंदी महत्वपूर्ण है। नहर के किनारे करीब 5 किलोमीटर क्षेत्र में प्रस्तावित घाटों के निर्माण की तैयारी है। पानी का बहाव रुकने से इस क्षेत्र में निर्माण कार्य करना आसान होगा।

प्रस्तावित घाटों का निर्माण कुंभ मेले के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही, स्नान और दूसरी व्यवस्थाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बंदी की अवधि का इस्तेमाल इन कामों को आगे बढ़ाने के लिए किया जा सकता है।

अधिशासी अभियंता विकास त्यागी के मुताबिक, सफाई और मेंटेनेंस के काम तय कार्यक्रम के अनुसार पूरे कराए जाएंगे। विभाग की योजना काम पूरा होने के बाद दीपावली की रात गंगनहर में पानी छोड़कर जलापूर्ति बहाल करने की है।

निष्कर्ष

गंगनहर मंगलवार रात से दीपावली की रात तक बंद रहेगी। इस दौरान हरिद्वार से कानपुर तक सफाई और रखरखाव के काम होंगे। बंदी का असर पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर की पेयजल व सिंचाई व्यवस्था पर पड़ सकता है, जबकि हरिद्वार में कुंभ 2027 से जुड़े घाट निर्माण को भी गति मिलने की संभावना है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. गंगनहर में पानी कब बंद होगा?

मंगलवार रात से हरिद्वार से निकलने वाली गंगनहर में पानी की आपूर्ति बंद कर दी जाएगी।

Q. गंगनहर में जलापूर्ति कब फिर शुरू होगी?

विभाग के अनुसार, दीपावली की रात गंगनहर में पानी छोड़कर जलापूर्ति फिर शुरू की जाएगी।

Q. बंदी के दौरान कौन-कौन से काम होंगे?

नहर की सफाई, मरम्मत और रखरखाव से जुड़े काम किए जाएंगे। सिल्ट, गाद और अन्य अवरोध भी हटाए जाएंगे।

Q. गंगनहर बंद होने से किन क्षेत्रों पर असर पड़ सकता है?

नोएडा, एनसीआर, गाजियाबाद, मेरठ और मुजफ्फरनगर समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्रों पर असर पड़ सकता है।

Q. गंगनहर की बंदी कुंभ 2027 के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?

हरिद्वार में नहर के किनारे करीब 5 किलोमीटर क्षेत्र में प्रस्तावित घाटों के निर्माण के लिए पानी का बहाव रुकना सुविधाजनक रहेगा।