हरिद्वार के सिडकुल थाना क्षेत्र में एक विधवा महिला की शिकायत पर नाबालिग बेटी को जबरन ले जाने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश के बाद की है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

महिला ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि 18 जुलाई को एक युवक उनकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर ले गया था। इस संबंध में उन्होंने सिडकुल थाने में शिकायत की थी। पुलिस ने 22 जुलाई को बेटी को बरामद कर मां के सुपुर्द कर दिया था। आरोपी युवक को जेल भेज दिया गया था।

महिला का आरोप है कि इसके बाद आरोपी युवक के पिता ने पहले दर्ज केस को वापस लेने का दबाव बनाया। आरोप है कि दबाव नहीं मानने पर पूरे परिवार को जान से मरवाने की धमकी दी गई।

महिला के अनुसार, 13 अगस्त को वह काम की तलाश में बाहर गई थी। इसी दौरान आरोपी युवक के पिता और उसकी बेटी उनकी नाबालिग बेटी को अपने साथ ले गए। फोन पर संपर्क करने पर आरोपी के पिता ने कहा कि बेटी उनके पास है। महिला का आरोप है कि केस वापस नहीं लेने पर उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई।

पुलिस ने क्या कहा

सीओ सुरेंद्र प्रसाद बलूनी ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।

मामले में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच कर रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस प्रकरण में कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज हुई है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

निष्कर्ष

सिडकुल क्षेत्र में नाबालिग को ले जाने, पहले दर्ज केस को वापस लेने का दबाव बनाने और धमकी देने के आरोप में कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज हुई है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. यह मामला किस थाना क्षेत्र का है?

यह मामला हरिद्वार के सिडकुल थाना क्षेत्र का है।

Q. प्राथमिकी किसके आदेश पर दर्ज हुई?

पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज की है।

Q. महिला ने क्या आरोप लगाए हैं?

महिला ने नाबालिग बेटी को जबरन ले जाने, केस वापस लेने का दबाव बनाने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है।

Q. बेटी को पहले कब बरामद किया गया था?

पुलिस ने 22 जुलाई को बेटी को बरामद कर मां के सुपुर्द किया था।

Q. मामले में पुलिस की वर्तमान कार्रवाई क्या है?

पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।