हरिद्वार की श्यामलोक कॉलोनी में कुंभ मेले की तैयारियों के तहत बन रहे पंपिंग स्टेशन के निर्माण पर अदालत ने रोक लगा दी है। इस परियोजना पर 149.53 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। निर्माण को लेकर कॉलोनी के निवासियों और श्यामलोक रेजिडेंट वेलफेयर के पदाधिकारियों ने वाद दायर किया था।

निर्माण स्थल कॉलोनी के एक पार्क में है। यहां ओवरहेड टैंक का काम पूरा हो चुका है, जबकि ट्यूबवेल और ऑपरेटर के कमरे का निर्माण रोकना पड़ा है। इन कामों को पंपिंग स्टेशन के संचालन की तैयारी का हिस्सा बताया गया है।

पार्क की जमीन को लेकर विवाद

वादियों का कहना है कि उत्तर प्रदेश शासन के समय वर्ष 1999 में आवास विकास प्राधिकरण ने कॉलोनी में प्लाटिंग की थी। उस दौरान 3 पार्कों के एवज में प्लॉट की कुल कीमत के साथ 5 प्रतिशत अतिरिक्त रकम ली गई थी। स्रोत के अनुसार, पार्कों के लिए करीब 15 हजार रुपये अतिरिक्त वसूले गए थे।

कॉलोनी के निवासियों का आरोप है कि पार्क के लिए रकम लेने के बावजूद निर्माण शुरू करने से पहले उनसे कोई बातचीत नहीं की गई। उनका कहना है कि मेला प्रशासन ने कुंभ की तैयारियों के नाम पर पार्क में ओवरहेड टैंक बना दिया और अब उसके संचालन के लिए अतिरिक्त कमरे का निर्माण कराया जा रहा था।

वादी प्रभात कुमार के अनुसार, श्यामलोक कॉलोनी में कुल 84 प्लॉट पर मकान बने हैं। इन प्लॉटों के लिए 3 पार्क आरक्षित किए गए थे। उनका आरोप है कि बिना अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी किए मेला प्रशासन ने पार्क की जमीन पर कब्जा कर निर्माण शुरू करा दिया।

प्राधिकरण उपाध्यक्ष पर आरोप

प्रभात कुमार ने आरोप लगाया कि प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सोनिका, जो मेला अधिकारी भी हैं, ने बिना अनुमति और अधिग्रहण के निर्माण कार्य शुरू कराया। यह आरोप वादी की ओर से लगाए गए हैं। अदालत की ओर से मामले में निर्माण पर रोक लगाए जाने की बात सामने आई है।

प्रभात कुमार ने कहा है कि यदि मेला प्रशासन का यही रुख जारी रहा, तो वह उच्च न्यायालय में अवमानना याचिका दायर करेंगे। अदालत के आदेश की विस्तृत शर्तें या अगली सुनवाई की तारीख की जानकारी अभी नहीं है।

निष्कर्ष

श्यामलोक कॉलोनी में पंपिंग स्टेशन का निर्माण पार्क की जमीन के इस्तेमाल को लेकर विवाद में फंस गया है। अदालत की रोक के बाद ट्यूबवेल और ऑपरेटर के कमरे का काम रुक गया है, जबकि वादी ने आगे उच्च न्यायालय जाने की चेतावनी दी है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. श्यामलोक कॉलोनी में किस निर्माण पर रोक लगी है?

अदालत ने 149.53 लाख रुपये की लागत से बन रहे पंपिंग स्टेशन के निर्माण पर रोक लगाई है।

Q. पंपिंग स्टेशन का निर्माण किस उद्देश्य से हो रहा था?

यह निर्माण कुंभ मेले की तैयारियों के तहत कराया जा रहा था।

Q. निर्माण किस जगह किया जा रहा था?

पंपिंग स्टेशन का निर्माण श्यामलोक कॉलोनी के एक पार्क में किया जा रहा था।

Q. पार्क में निर्माण को लेकर किसने वाद दायर किया?

कॉलोनी के निवासियों और श्यामलोक रेजिडेंट वेलफेयर के पदाधिकारियों ने वाद दायर किया।

Q. निर्माण कार्य में अब तक क्या पूरा हुआ था?

ओवरहेड टैंक का निर्माण पूरा हो चुका था। ट्यूबवेल और ऑपरेटर के कमरे का काम रोकना पड़ा।

Q. वादी प्रभात कुमार ने आगे क्या कहा है?

उन्होंने कहा है कि निर्माण जारी रहने पर वह उच्च न्यायालय में अवमानना याचिका दायर करेंगे।