आदि कैलाश मार्ग के धारचूला हाईवे पर मंगलवार देर शाम सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता की स्थिति बनी रही। पंडा से नैनीपातल के पातलपोखरा तक करीब 8 किलोमीटर के हिस्से में सड़क पर रोड़ी बिखरी मिली। इससे दोपहिया और चौपहिया वाहनों के फिसलने का खतरा बढ़ गया।
बताया गया कि एक ओवरलोड पिकअप से रास्तेभर रोड़ी गिरती रही। वाहन थाने और पुलिस चौकी के सामने से भी गुजरा, लेकिन उसे पकड़े जाने या तत्काल कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई। रात के अंधेरे में सड़क पर फैली रोड़ी के कारण वाहन चालकों को धीमी गति और सावधानी के साथ आगे बढ़ना पड़ा।
निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल
हाईवे पर जाजरदेवल थाने के पास भी रोड़ी बिखरी मिली। थाने में सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद संबंधित वाहन की पहचान और उसके खिलाफ कार्रवाई का मामला सामने नहीं आया। इससे यातायात नियमों के पालन और सड़क की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए हैं।
जिले में यातायात नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई जारी रहने के बावजूद किसी वाहन का कई किलोमीटर तक सड़क पर सामग्री बिखेरते हुए निकल जाना प्रवर्तन व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल उठाता है। यह मार्ग सामरिक और पर्यटन, दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है।
ढककर सामग्री ले जाना जरूरी
निर्माण सामग्री का परिवहन करते समय रेत, रोड़ी या पत्थर को ढककर ले जाना जरूरी है। रास्ते में सामग्री गिरने से सड़क पर चल रहे वाहनों के लिए खतरा पैदा हो सकता है। ओवरलोडिंग से यह जोखिम और बढ़ सकता है।
सड़क पर बिखरी रोड़ी से दुर्घटना की आशंका के अलावा डामर की सतह को भी नुकसान पहुंच सकता है। वाहनों के लगातार दबाव से सड़क की गुणवत्ता प्रभावित होने और रखरखाव का खर्च बढ़ने की आशंका रहती है। इसलिए मामला केवल यातायात नियमों के उल्लंघन तक सीमित नहीं है, बल्कि सार्वजनिक सड़क की सुरक्षा से भी जुड़ा है।
पिथौरागढ़ के सीओ गोविंद बल्लभ जोशी ने कहा कि किसी भी वाहन से रोड़ी, रेत या पत्थर गिरना नियमों के खिलाफ है और इससे दुर्घटना हो सकती है। उन्होंने संबंधित वाहन का पता लगाकर कार्रवाई के निर्देश देने और भविष्य में ऐसी स्थिति रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने की बात कही।
लोनिवि के सेवानिवृत्त ईई नवीन जोशी ने कहा कि रेत या रोड़ी ले जाने वाले वाहन को ढककर चलाना नियम है, ताकि सामग्री सड़क पर न फैले।
निष्कर्ष
धारचूला हाईवे पर करीब 8 किलोमीटर तक रोड़ी बिखरने से रात में वाहन चालकों के लिए फिसलने का खतरा बना रहा। पुलिस के अनुसार संबंधित वाहन का पता लगाकर कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे और ऐसी स्थिति दोबारा रोकने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. धारचूला हाईवे पर रोड़ी कहां बिखरी मिली?
पंडा से नैनीपातल के पातलपोखरा तक करीब 8 किलोमीटर के हिस्से में रोड़ी बिखरी मिली।
Q. सड़क पर रोड़ी कैसे फैली?
बताया गया कि एक ओवरलोड पिकअप से रास्तेभर रोड़ी गिरती रही।
Q. इससे क्या खतरा बना?
रोड़ी के कारण रात में दोपहिया और चौपहिया वाहनों के फिसलने का खतरा बना रहा।
Q. क्या वाहन थाने और पुलिस चौकी के सामने से गुजरा?
हां, बताया गया कि वाहन थाने और पुलिस चौकी के सामने से गुजरने के बावजूद पकड़ा नहीं जा सका।
Q. निर्माण सामग्री ले जाने का क्या नियम है?
रेत, रोड़ी या पत्थर को ढककर ले जाना जरूरी है, ताकि वह सड़क पर न गिरे।
Q. मामले में पुलिस ने क्या कहा?
सीओ गोविंद बल्लभ जोशी ने संबंधित वाहन का पता लगाकर कार्रवाई के निर्देश देने की बात कही है।










