उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट बैठक आज पहली बार हरिद्वार में होगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में केंद्र सरकार के सहयोग पर धन्यवाद प्रस्ताव लाने की तैयारी है। आगामी विधानसभा सत्र की तारीख और स्थान पर भी चर्चा हो सकती है।

बैठक में वर्ष 2014 के बाद उत्तराखंड में हुए विकास कार्यों और केंद्र से मिले बजट का ब्योरा रखा जाएगा। बिजली, पानी, शौचालय और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़े आंकड़े भी मंत्रिमंडल के सामने रखे जाने हैं।

बनबसा के बाद हरिद्वार में बैठक

धामी सरकार की पिछली कैबिनेट बैठक 4 अक्टूबर को चंपावत जिले के बनबसा स्थित एनएचपीसी परिसर में हुई थी। इसके 8 दिन बाद हरिद्वार में बैठक आयोजित की जा रही है। मुख्यमंत्री ने बनबसा बैठक के बाद कहा था कि कैबिनेट की बैठकें दूसरे जिलों में भी होंगी, ताकि स्थानीय मुद्दों और विकास की जरूरतों पर चर्चा की जा सके।

बनबसा की बैठक में 24 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई थी। इनमें युवाओं के लिए 5 साल में 200 करोड़ रुपए की मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा कौशल संवर्धन योजना शामिल थी। पंतनगर एयरपोर्ट विस्तार के लिए 66.29 करोड़ रुपए जारी करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली थी।

इसके अलावा निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के मानकों में बदलाव और रेजिडेंट डॉक्टरों के मानदेय के पुनर्निर्धारण से जुड़े फैसले लिए गए थे। निजी विश्वविद्यालयों के लिए 20 हजार वर्गमीटर जमीन में स्थापना की अनुमति और 5 करोड़ रुपए के गारंटी फंड की अनिवार्यता खत्म करने का फैसला भी इसी बैठक में हुआ था।

अनुपमा रावत ने रखीं 2 मांगें

कैबिनेट बैठक से पहले हरिद्वार ग्रामीण से कांग्रेस विधायक अनुपमा रावत ने सरकार के सामने 2 मांगें रखी हैं। उन्होंने लालढांग में रवासन नदी पर पुल का निर्माण शुरू कराने और भोजनमाताओं का मानदेय बढ़ाकर 5 हजार रुपए करने का शासनादेश जारी करने की मांग की है।

अनुपमा रावत ने चेतावनी दी है कि बैठक में मांगें पूरी नहीं हुईं तो वह आमरण अनशन करेंगी। रविवार को उन्होंने भोजनमाताओं के साथ बैठक कर उनकी समस्याएं सुनीं।

विधायक ने कहा कि पुल नहीं होने से नदी पार करते समय कई लोग जान गंवा चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चुनावी साल में बैठकें कर रही है, लेकिन जनता की समस्याओं पर ठोस फैसले नहीं ले रही। यह आरोप विधायक की ओर से लगाया गया है।

बैठक से जुड़े अहम मुद्दे

  • केंद्र सरकार के सहयोग पर धन्यवाद प्रस्ताव।
  • वर्ष 2014 के बाद हुए विकास कार्यों और केंद्रीय बजट का ब्योरा।
  • बिजली, पानी, शौचालय और सड़क से जुड़े आंकड़े।
  • आगामी विधानसभा सत्र की तारीख और स्थान।
  • हरिद्वार ग्रामीण में रवासन नदी पर पुल और भोजनमाताओं के मानदेय का मुद्दा।

निष्कर्ष

हरिद्वार में होने वाली कैबिनेट बैठक में केंद्र के सहयोग, राज्य के विकास कार्यों और आगामी विधानसभा सत्र से जुड़े मुद्दों पर चर्चा संभावित है। बैठक से पहले रवासन नदी पुल और भोजनमाताओं के मानदेय का मुद्दा भी सामने आया है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक कहां हो रही है?

हरिद्वार में पहली बार उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट बैठक हो रही है।

Q. बैठक की अध्यक्षता कौन करेगा?

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बैठक की अध्यक्षता करेंगे।

Q. बैठक में किन बड़े मुद्दों पर चर्चा हो सकती है?

केंद्र सरकार के सहयोग पर धन्यवाद प्रस्ताव और आगामी विधानसभा सत्र की तारीख व स्थान पर चर्चा हो सकती है।

Q. विकास कार्यों से जुड़ा कौन सा ब्योरा रखा जाएगा?

वर्ष 2014 के बाद हुए विकास कार्यों और केंद्र से मिले बजट का ब्योरा रखा जाएगा।

Q. अनुपमा रावत ने क्या मांगें रखी हैं?

उन्होंने लालढांग में रवासन नदी पर पुल निर्माण शुरू कराने और भोजनमाताओं का मानदेय 5 हजार रुपए करने की मांग की है।

Q. मांगें पूरी नहीं होने पर अनुपमा रावत ने क्या चेतावनी दी है?

उन्होंने आमरण अनशन करने की चेतावनी दी है।

Q. पिछली कैबिनेट बैठक कब और कहां हुई थी?

पिछली बैठक 4 अक्टूबर को चंपावत जिले के बनबसा स्थित एनएचपीसी परिसर में हुई थी।

Q. बनबसा बैठक में कितने प्रस्तावों को मंजूरी मिली थी?

बनबसा की बैठक में 24 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई थी।