दिल्ली से हल्द्वानी और काठगोदाम लौटने वाले यात्रियों को इस वीकेंड ट्रेन और बस की सीट के लिए मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। 2 अक्तूबर का अवकाश और उसके साथ वीकेंड होने से वापसी की मांग बढ़ गई है। कई ट्रेनों की प्रमुख श्रेणियों में वेटिंग चल रही है।
संपर्क क्रांति की चेयर कार में बृहस्पतिवार से शनिवार तक क्रमश: 102, 90 और 64 सीटों की वेटिंग दर्ज है। इसी ट्रेन के एसी कंपार्टमेंट में इन 3 दिनों के लिए वेटिंग क्रमश: 55, 34 और 37 है।
शताब्दी एक्सप्रेस की सीसी श्रेणी में 25 से 99 तक वेटिंग चल रही है। एक्जीक्यूटिव क्लास में भी सीटों की उपलब्धता पर इसी तरह दबाव बना हुआ है। नई दिल्ली से 2 अक्तूबर को चलने वाली शताब्दी में वेटिंग टिकट उपलब्ध नहीं होने की स्थिति बताई गई है।
रानीखेत एक्सप्रेस में भी लंबी वेटिंग
जैसलमेर से दिल्ली होकर काठगोदाम लौटने वाली रानीखेत एक्सप्रेस के स्लीपर डिब्बे में एक से 3 अक्तूबर तक क्रमश: 199, 119 और 88 सीटों की वेटिंग है। ट्रेन के थर्ड एसी और सेकेंड एसी में भी सीटें खाली नहीं हैं।
काठगोदाम लौटने वाली इस ट्रेन के थर्ड एसी में एक अक्तूबर और 2 अक्तूबर के लिए वेटिंग टिकट भी उपलब्ध नहीं है। इससे इन तारीखों पर रेल यात्रा की योजना बना रहे यात्रियों के विकल्प सीमित हो गए हैं।
शाम की दिल्ली बसों की बुकिंग पूरी
हल्द्वानी डिपो से दिल्ली लौटने वाली शाम की 2 वॉल्वो और 2 एसी बसों की बुकिंग बुधवार दोपहर तक पूरी हो गई। हल्द्वानी डिपो के एआरएम संजय पांडे ने बताया कि इस वीकेंड यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि हल्द्वानी से चलने वाली गाड़ियों में फिलहाल सीटें उपलब्ध हैं। यानी दिल्ली से लौटने वाली सेवाओं पर दबाव ज्यादा है, जबकि हल्द्वानी से रवाना होने वाली बसों में अभी जगह मिल सकती है।
दिल्ली रूट पर अनुबंधित बसों का संचालन
मुख्यालय के निर्देश के बाद रोडवेज की बीएस-फोर मॉडल बसों को दिल्ली नहीं भेजा जा रहा है। हल्द्वानी और काठगोदाम डिपो समेत कुमाऊं के डिपो से इस श्रेणी की बसें दिल्ली रूट से हटा दी गई हैं।
इस बदलाव के बाद दिल्ली तक दोनों डिपो की अनुबंधित बसें ही चल रही हैं। रोडवेज कर्मचारी संगठनों का कहना है कि दिल्ली में बीएस-फोर बसों पर अभी प्रतिबंध नहीं है। संगठनों ने निगम प्रबंधन के इस फैसले पर सवाल उठाए हैं। यह उनका दावा है; उपलब्ध जानकारी में इस मुद्दे पर प्रबंधन का पक्ष दर्ज नहीं है।
निष्कर्ष
छुट्टी और वीकेंड के कारण दिल्ली से कुमाऊं लौटने वाली ट्रेनों और बसों में मांग बढ़ी है। संपर्क क्रांति, शताब्दी और रानीखेत एक्सप्रेस में वेटिंग के बीच दिल्ली रूट पर अनुबंधित बसों का संचालन जारी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. दिल्ली से लौटने वाली ट्रेनों में भीड़ क्यों बढ़ी है?
2 अक्तूबर का अवकाश और वीकेंड साथ आने से यात्रियों की वापसी बढ़ी है।
Q. संपर्क क्रांति की चेयर कार में सबसे ज्यादा वेटिंग कितनी है?
बृहस्पतिवार की यात्रा के लिए चेयर कार में 102 सीटों की वेटिंग है।
Q. रानीखेत एक्सप्रेस के स्लीपर में कितनी वेटिंग है?
एक से 3 अक्तूबर तक स्लीपर में क्रमश: 199, 119 और 88 सीटों की वेटिंग है।
Q. क्या शाम की दिल्ली जाने वाली रोडवेज बसों में सीटें बची हैं?
हल्द्वानी से दिल्ली लौटने वाली 2 वॉल्वो और 2 एसी बसों की बुकिंग बुधवार दोपहर तक फुल हो गई थी।
Q. हल्द्वानी से चलने वाली बसों में सीटें उपलब्ध हैं?
हल्द्वानी डिपो के एआरएम के अनुसार वहां से चलने वाली गाड़ियों में अभी सीटें उपलब्ध हैं।
Q. बीएस-फोर बसों को दिल्ली रूट से क्यों हटाया गया?
मुख्यालय के निर्देश के बाद कुमाऊं के डिपो से बीएस-फोर मॉडल बसें दिल्ली नहीं भेजी जा रही हैं।
Q. अब दिल्ली रूट पर कौन सी बसें चल रही हैं?
हल्द्वानी और काठगोदाम डिपो की अनुबंधित बसें दिल्ली तक संचालित हो रही हैं।









