देहरादून के तपोवन इलाके में 300 रुपये की दिहाड़ी को लेकर हुए विवाद ने तिहरे हत्याकांड का रूप ले लिया। पुलिस के अनुसार, प्लंबर राजकुमार ने आयुध निर्माणी से रिटायर रमेश कपूर, उनकी पत्नी रजनी कपूर और घर के पास काम करने वाली तिलया देवी पर पेचकस से हमला किया। तीनों की मौत हो गई। वारदात के बाद भाग रहे आरोपी को पड़ोसियों ने करीब आधा किलोमीटर पीछा कर पकड़ लिया।
आरोपी राजकुमार पिछले 2 साल से कपूर परिवार के घर प्लंबिंग का काम करने जाता था। पुलिस के मुताबिक, वह सुबह करीब 10:30 AM काम करने पहुंचा था। दोपहर करीब एक:00 बजे तक काम पूरा करने के बाद उसने 600 रुपये दिहाड़ी मांगी। परिवार ने 300 रुपये दिए। इसी बात पर कहासुनी हुई और राजकुमार अपना सामान घर में छोड़कर वहां से चला गया।
एक:56 बजे दोबारा घर पहुंचा आरोपी
पुलिस के अनुसार, राजकुमार दोपहर एक:56 बजे फिर कपूर परिवार के घर पहुंचा। वहां रमेश कपूर से दोबारा बहस हुई। इसी दौरान उसने पेचकस से रमेश कपूर पर हमला कर दिया। उनके चेहरे पर 4-5 गहरे वार किए गए और उनकी एक आंख भी बुरी तरह घायल हुई।
रमेश कपूर को बचाने के लिए रजनी कपूर बीच में आईं। आरोप है कि राजकुमार ने उनके चेहरे और पेट पर भी पेचकस से वार किए। उनकी चीख सुनकर सामने के घर से काम करके निकल रहीं तिलया देवी वहां पहुंचीं। उन्होंने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन आरोपी ने उन पर भी हमला कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, वारदात के दौरान राजकुमार ने रजनी कपूर के गले से सोने की चेन खींची। इसके बाद वह घर से बाहर निकलकर भागने लगा। आसपास के लोगों ने उसका पीछा किया और उसे पकड़ लिया।
अस्पताल पहुंचने पर तीनों की हालत गंभीर थी
मोहल्ले के लोग तीनों घायलों को कोरोनेशन अस्पताल लेकर पहुंचे। इमरजेंसी में डॉ. विक्रांत सिरोही और अस्पताल के स्टाफ ने उनका इलाज शुरू किया। रिपोर्ट के अनुसार, तीनों खून से लथपथ हालत में अस्पताल लाए गए थे। रजनी कपूर के चेहरे और छाती पर कई वार बताए गए हैं, जबकि तिलया देवी के पेट में भी पेचकस से कई बार हमला किया गया।
पेचकस से कुल कितने वार किए गए, इसकी सही स्थिति पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगी। फिलहाल तीनों शवों को कोरोनेशन अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है। परिवार के सदस्यों के देहरादून पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया होने की बात सामने आई है।
आरोपी के पुराने रिकॉर्ड की जांच
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल के अनुसार, पुलिस राजकुमार के आपराधिक इतिहास, नशे की लत और पुलिस सत्यापन से जुड़ी जानकारी जुटा रही है। यह भी जांच की जा रही है कि स्थानीय थाने में उसका कोई रिकॉर्ड दर्ज था या नहीं। पुलिस बिजनौर से भी उसके आपराधिक इतिहास की जानकारी मंगाएगी।
राजकुमार मूल रूप से बांदा, थाना किरतपुर, जिला बिजनौर का रहने वाला बताया गया है। वह देहरादून के कोतवाली नगर थाना क्षेत्र के इंद्रेश नगर में पत्नी के साथ किराये पर रहता था और प्लंबिंग का काम करता था।
परिवार को बेटों के पहुंचने का इंतजार
रमेश कपूर और रजनी कपूर आयुध निर्माणी से करीब 20 साल पहले रिटायर हुए थे। इसके बाद दोनों तपोवन इलाके में अपना मकान बनाकर रह रहे थे। उनका बड़ा बेटा आयुध निर्माणी की पुणे शाखा में नौकरी करता है। दूसरा बेटा दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता है।
पुलिस के मुताबिक, कपूर परिवार के घर राजकुमार 2 साल से काम के लिए आता-जाता था। इसी वजह से दिहाड़ी को लेकर हुआ विवाद और उसके बाद हुई हिंसा ने स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है। मामले में पुलिस घटना की टाइमलाइन, आरोपी के पुराने रिकॉर्ड और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
निष्कर्ष
देहरादून के तपोवन में 300 रुपये की दिहाड़ी को लेकर हुए विवाद के बाद बुजुर्ग दंपति और तिलया देवी की मौत हुई। आरोपी प्लंबर राजकुमार को पड़ोसियों ने पकड़ लिया। अब पुलिस उसके आपराधिक इतिहास, पुलिस सत्यापन और पोस्टमार्टम से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. तपोवन में क्या घटना हुई?
देहरादून के तपोवन में प्लंबर राजकुमार पर बुजुर्ग दंपति और तिलया देवी पर पेचकस से हमला करने का आरोप है। तीनों की मौत हो गई।
Q. विवाद किस बात को लेकर हुआ था?
पुलिस के अनुसार, राजकुमार ने 600 रुपये दिहाड़ी मांगी थी, जबकि परिवार ने 300 रुपये दिए। इसी बात पर कहासुनी हुई थी।
Q. आरोपी को किसने पकड़ा?
वारदात के बाद भाग रहे राजकुमार का पड़ोसियों ने करीब आधा किलोमीटर पीछा किया और उसे पकड़ लिया।
Q. मृतकों की पहचान क्या है?
मृतकों में रमेश कपूर, उनकी पत्नी रजनी कपूर और तिलया देवी शामिल हैं।
Q. पुलिस अब किन बिंदुओं की जांच कर रही है?
पुलिस आरोपी का आपराधिक इतिहास, नशे की लत और पुलिस सत्यापन से जुड़ी जानकारी जांच रही है। बिजनौर से भी उसका रिकॉर्ड मंगाया जाएगा।
Q. शवों को कहां रखा गया है?
तीनों शवों को कोरोनेशन अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से चोटों की स्थिति स्पष्ट होगी।











