देहरादून की विष्णुलोक कॉलोनी में बुजुर्ग दंपती और महिला की हत्या के मामले में आरोपी प्लंबर राजकुमार कपूर दंपती के घर से अनजान नहीं था। पुलिस की जांच के अनुसार, वह वारदात से करीब 10 दिन पहले से लगातार उनके घर आ रहा था। इस दौरान घर में चल रहे काम के सिलसिले में उसकी दंपती से बातचीत भी होती थी।

पुलिस के मुताबिक, राजकुमार ने कपूर दंपती के घर छत पर डैंपप्रूफिंग का काम किया था। मंगलवार को वह किचन और बाथरूम के नल ठीक करने के लिए भी वहां पहुंचा था। काम पूरा होने के बाद मेहनताना देने को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हो गया।

जांच में सामने आया है कि राजकुमार ने काम के बदले 600 रुपये मांगे थे, जबकि दंपती की ओर से 300 रुपये देने की बात कही जा रही थी। इसी मुद्दे पर कहासुनी बढ़ी। पुलिस के अनुसार, विवाद के दौरान राजकुमार ने पेचकस से रमेश कपूर और उनकी पत्नी रजनी कपूर पर हमला कर दिया।

हमले के समय दोनों को संभलने का मौका नहीं मिला। उनकी चीख-पुकार सुनकर पड़ोस में काम कर रही तिलया देवी उर्फ शीला मदद के लिए पहुंची। पुलिस के मुताबिक, बीच-बचाव की कोशिश करने पर राजकुमार ने शीला पर भी पेचकस से कई वार किए। गंभीर चोटों के कारण रमेश कपूर, रजनी कपूर और शीला की मौत हो गई।

वारदात के बाद आरोपी घर से निकलकर भागने लगा। आसपास के लोगों ने उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।

आरोपी को पहले से जानते थे परिवार के लोग

रमेश कपूर के बेटे भी राजकुमार को जानते थे। बुधवार को पुलिस से बातचीत में उन्होंने बताया कि राजकुमार ने घर की छत पर डैंपप्रूफिंग का काम किया था। उनके अनुसार, रोज के काम का भुगतान रोज किया जा रहा था।

पुलिस का कहना है कि लगातार घर आने-जाने के कारण राजकुमार को मकान की बनावट और वहां रखे सामान की जानकारी हो गई थी। फिलहाल जांच में भुगतान को लेकर हुआ विवाद वारदात की मुख्य वजह माना जा रहा है।

घर से सोने की चेन मिलने के बाद पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि आरोपी ने वारदात के बाद उसे क्यों उठाया। पुलिस ने इस संबंध में किसी अंतिम निष्कर्ष की जानकारी नहीं दी है।

प्राथमिकी दर्ज, आपराधिक रिकॉर्ड की जांच

विष्णुलोक कॉलोनी के तिहरे हत्याकांड में रायपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह प्राथमिकी मृत घरेलू सहायिका शीला के बेटे रामबालक की तहरीर पर दर्ज हुई। मूल रूप से दरभंगा, बिहार के रहने वाले रामबालक ने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस अब मामले में मजबूत साक्ष्य जुटा रही है, ताकि चार्जशीट दाखिल की जा सके। आरोपी राजकुमार के आपराधिक रिकॉर्ड की भी पड़ताल की जा रही है।

एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया है और पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।

निष्कर्ष

पुलिस की अब तक की जांच में भुगतान को लेकर हुआ विवाद वारदात की मुख्य वजह सामने आया है। आरोपी राजकुमार जेल भेजा जा चुका है, जबकि पुलिस हत्या के घटनाक्रम, सोने की चेन और उसके आपराधिक रिकॉर्ड से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. विष्णुलोक कॉलोनी हत्याकांड में कितने लोगों की मौत हुई?

पुलिस के अनुसार, बुजुर्ग दंपती रमेश कपूर और रजनी कपूर के साथ तिलया देवी उर्फ शीला की मौत हुई।

Q. आरोपी राजकुमार कपूर दंपती के घर क्यों आता था?

वह घर में डैंपप्रूफिंग का काम कर चुका था और मंगलवार को किचन व बाथरूम के नल ठीक करने पहुंचा था।

Q. विवाद किस बात को लेकर हुआ था?

पुलिस के मुताबिक, काम के भुगतान को लेकर विवाद हुआ। राजकुमार 600 रुपये मांग रहा था, जबकि 300 रुपये देने की बात कही जा रही थी।

Q. आरोपी को पुलिस ने कैसे पकड़ा?

वारदात के बाद भागते समय आसपास के लोगों ने राजकुमार को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।

Q. मामले में प्राथमिकी किसने दर्ज कराई?

शीला के बेटे रामबालक की तहरीर पर रायपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई।

Q. आरोपी के खिलाफ अब क्या कार्रवाई हुई है?

राजकुमार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस चार्जशीट के लिए साक्ष्य जुटा रही है।