देहरादून में क्रिप्टोकरेंसी और फॉरेक्स ट्रेडिंग में निवेश का भरोसा देकर रिटायर्ड फौजी और उनकी टीम से 1,55,49,748 रुपये लेने का मामला सामने आया है। क्लेमनटाउन थाने में लविश चौधरी समेत 6 लोगों और एक कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस ने यह कार्रवाई क्लेमनटाउन निवासी चंद्रबल्लभ शुक्ला की शिकायत पर की। केस भारतीय न्याय संहिता और अनियमित जमा योजना प्रतिबंध अधिनियम के तहत दर्ज हुआ है। शिकायत में लविश चौधरी उर्फ नवाब अली को मुख्य आरोपी बताया गया है।
निवेश के नाम पर मुनाफे का भरोसा
शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने शुक्ला के घर पहुंचकर मेटाट्रेड 5 और फाइनेंशियल फ्रीडम प्रोजेक्ट में पैसा लगाने की बात कही। उन्हें हर महीने 5 से 8 प्रतिशत मुनाफा देने का भरोसा दिया गया था।
आरोपियों ने निवेश से जुड़ी गतिविधियों के लिए बॉट ब्रो, क्रॉस मार्केट, माइन क्रिप्टो और टीएलसी कॉइन जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया। जूम मीटिंग और सोशल मीडिया के जरिए उन्होंने खुद को एआई आधारित ट्रेडिंग का विशेषज्ञ बताया।
बचत और साथियों की रकम भी लगाई
शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने सेना में 30 साल की सेवा के बाद जमा की गई अपनी बचत आरोपियों को सौंप दी। उनके साथियों ने भी इस योजना में रकम लगाई। यह पैसा अलग-अलग बैंक खातों में भेजा गया और कुछ रकम नकद दी गई।
शिकायत के अनुसार, आरोपियों को दी गई कुल रकम 1,55,49,748 रुपये थी। मामले में दर्ज मुकदमे के बाद अब आरोपों की जांच की जाएगी। उपलब्ध जानकारी में आरोपियों की गिरफ्तारी या रकम की बरामदगी का कोई विवरण नहीं है।
मुख्य आरोपी लविश चौधरी उर्फ नवाब अली मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर का रहने वाला बताया गया है। शिकायत में कहा गया है कि वह फिलहाल दुबई से अपना नेटवर्क चला रहा है। यह जानकारी शिकायत में लगाए गए आरोपों पर आधारित है।
निष्कर्ष
क्लेमनटाउन थाने में दर्ज केस के मुताबिक, ट्रेडिंग और डिजिटल निवेश के नाम पर रिटायर्ड फौजी और उनके साथियों से 1,55,49,748 रुपये लिए गए। अब मामले में पुलिस की जांच आगे की कार्रवाई तय करेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. यह मामला कहां दर्ज हुआ है?
यह मुकदमा देहरादून के क्लेमनटाउन थाने में दर्ज किया गया है।
Q. शिकायतकर्ता कौन हैं?
शिकायतकर्ता क्लेमनटाउन निवासी चंद्रबल्लभ शुक्ला हैं। वह सेना में 30 साल सेवा कर चुके हैं।
Q. कितनी रकम लेने का आरोप है?
शिकायत के अनुसार, आरोपियों को कुल 1,55,49,748 रुपये दिए गए। इसमें शिकायतकर्ता और उनके साथियों की रकम शामिल थी।
Q. आरोपियों ने किस तरह का मुनाफा देने का भरोसा दिया था?
उन्हें निवेश पर हर महीने 5 से 8 प्रतिशत मुनाफे का भरोसा दिया गया था।
Q. किन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया?
शिकायत में बॉट ब्रो, क्रॉस मार्केट, माइन क्रिप्टो और टीएलसी कॉइन का नाम है। मेटाट्रेड 5 और फाइनेंशियल फ्रीडम प्रोजेक्ट में निवेश की बात भी कही गई थी।
Q. मुख्य आरोपी के बारे में क्या जानकारी है?
लविश चौधरी उर्फ नवाब अली को मुख्य आरोपी बताया गया है। वह मूल रूप से मुजफ्फरनगर का रहने वाला बताया गया है और शिकायत के अनुसार दुबई से नेटवर्क चलाता है।









