देहरादून में राजपुर पुलिस ने विदेशी नागरिकों से ऑनलाइन ठगी करने वाले कथित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने तरला नागल रोड स्थित आर्चिड पार्क के एक किराये के फ्लैट में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर से 5 युवकों को गिरफ्तार किया।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी अमेरिका और कनाडा के नागरिकों को फोन करते थे। वे मोबाइल या लैपटॉप में खराबी होने की बात कहकर एंटीवायरस ऐप उपलब्ध कराने का भरोसा देते थे। इसके बदले उनसे 100 डॉलर का गिफ्ट कार्ड खरीदने को कहा जाता था।

गिफ्ट कार्ड मिलने के बाद आरोपी उसका नंबर या फोटो लेते थे। पुलिस का कहना है कि ज्यादातर ग्राहकों को इसके बाद एंटीवायरस ऐप उपलब्ध नहीं कराया जाता था। आरोपियों पर गिफ्ट कार्ड कम कीमत में बेचकर रकम जुटाने का भी आरोप है।

छापेमारी में मोबाइल, लैपटॉप और वाहन बरामद

पुलिस के अनुसार, 12 अक्तूबर की रात राजपुर क्षेत्र के एक फ्लैट में फर्जी कॉल सेंटर चलने और विदेशी नागरिकों से धोखाधड़ी की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने देर रात कार्रवाई की और पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

मौके से 14 मोबाइल फोन, 4 लैपटॉप, एक आईपैड और 5 चार्जर बरामद किए गए। पुलिस ने 3 लग्जरी वाहन भी जब्त किए हैं। इनमें आई-20, वरना और थार शामिल हैं।

नोएडा के कॉल सेंटर में सीखा था तरीका

पुलिस की पूछताछ में मुख्य आरोपी आशीष नागर ने बताया कि वह पहले नोएडा के एक कॉल सेंटर में काम करता था। वहां विदेशी नागरिकों को इसी तरह फोन करके ठगी की जाती थी।

पुलिस के अनुसार, आशीष ने करीब 3 महीने पहले नौकरी छोड़ी और देहरादून आ गया। इसके बाद उसने साथियों के साथ किराये के फ्लैट में फर्जी कॉल सेंटर शुरू किया। गिरोह ने विदेशी नागरिकों के करीब 5 हजार मोबाइल नंबर खरीदे थे। इन नंबरों पर गूगल वॉइस ऐप के जरिए कॉल की जाती थी।

गिफ्ट कार्ड की रकम अलग-अलग खातों में आती थी

पुलिस ने बताया कि आरोपी गिफ्ट कार्ड का नंबर या फोटो एक वर्चुअल मोबाइल नंबर पर मंगाते थे। इसके बाद कार्ड कम कीमत पर बेच दिए जाते थे। इनकी बिक्री से मिलने वाली रकम अलग-अलग खातों में आती थी।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी कुछ ग्राहकों को ही एंटीवायरस ऐप उपलब्ध कराते थे। बाकी ग्राहकों के साथ कथित तौर पर धोखाधड़ी की जाती थी। पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई से बचने के लिए आरोपी कुछ समय बाद कॉल सेंटर का ठिकाना बदल देते थे।

पांचों आरोपी उत्तर प्रदेश के निवासी

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आशीष नागर (32), अक्षत शर्मा (22), अंशु मुद्गल (23), राज सिंह (23) और अभिनव सिंह (25) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, सभी आरोपी उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं।

राजपुर थाने में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस बरामद उपकरणों की जांच कर रही है। जांच का उद्देश्य गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और ठगी की रकम का पता लगाना है।

निष्कर्ष

राजपुर पुलिस के अनुसार, देहरादून के किराये के फ्लैट से चल रहे फर्जी कॉल सेंटर के जरिए विदेशी नागरिकों को एंटीवायरस ऐप के नाम पर निशाना बनाया जा रहा था। मामले में 5 गिरफ्तारियां हुई हैं और पुलिस अब नेटवर्क तथा रकम से जुड़े बाकी पहलुओं की जांच कर रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. पुलिस ने कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया?

पुलिस ने 5 युवकों को गिरफ्तार किया है।

Q. आरोपी किस बहाने से विदेशी नागरिकों को फोन करते थे?

वे मोबाइल और लैपटॉप में खराबी होने की बात कहते थे। इसके बाद एंटीवायरस ऐप उपलब्ध कराने का भरोसा देते थे।

Q. आरोपियों ने ग्राहकों से क्या खरीदवाया?

आरोपी विदेशी नागरिकों से 100 डॉलर कीमत का गिफ्ट कार्ड खरीदवाते थे।

Q. पुलिस ने मौके से क्या बरामद किया?

मौके से 14 मोबाइल फोन, 4 लैपटॉप, एक आईपैड, 5 चार्जर और 3 वाहन बरामद हुए।

Q. आरोपियों के खिलाफ कौन-सी धाराओं में प्राथमिकी दर्ज हुई?

राजपुर थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

Q. पुलिस अब किस दिशा में जांच कर रही है?

पुलिस बरामद उपकरणों की जांच कर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और ठगी की रकम का पता लगा रही है।