बागेश्वर के कपकोट क्षेत्र में कफनी ग्लेशियर तक पहुंचने वाला ट्रैक इन दिनों बदहाल है। यात्रा से लौटे प्रसिद्ध ट्रैकिंग गाइड जीतू दानू और नैनीताल के प्रकृति प्रेमी चंदन नयाल ने रास्ते की स्थिति पर चिंता जताई है।
उन्होंने बताया कि ट्रैक पर कई जगह रास्ता क्षतिग्रस्त है। इसके अलावा रास्ते का बड़ा हिस्सा झाड़ियों से घिरा हुआ है। ऐसी स्थिति में कफनी ग्लेशियर तक पहुंचना यात्रियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो गया है।
पर्यटकों के सामने बढ़ा जोखिम
क्षतिग्रस्त रास्ते और झाड़ियों के कारण पर्यटकों को यात्रा के दौरान जोखिम उठाना पड़ रहा है। दोनों ने कहा कि ग्लेशियर तक पहुंचना इन दिनों किसी चुनौती से कम नहीं है।
ट्रैकिंग गाइड और प्रकृति प्रेमी की चिंता सीधे तौर पर पर्यटकों की यात्रा से जुड़ी है। रास्ते की मौजूदा हालत में ग्लेशियर जाने वाले यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
निष्कर्ष
कफनी ग्लेशियर का ट्रैक जगह-जगह क्षतिग्रस्त है और झाड़ियों से घिरा हुआ है। इससे पर्यटकों के लिए यात्रा जोखिम भरी और चुनौतीपूर्ण बन गई है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. कफनी ग्लेशियर के रास्ते की मुख्य समस्या क्या है?
कई जगह रास्ता क्षतिग्रस्त है और ट्रैक झाड़ियों से घिरा हुआ है।
Q. रास्ते की हालत पर किसने चिंता जताई है?
ट्रैकिंग गाइड जीतू दानू और नैनीताल के प्रकृति प्रेमी चंदन नयाल ने चिंता जताई है।
Q. जीतू दानू और चंदन नयाल कब लौटे?
दोनों कफनी ग्लेशियर की यात्रा के बाद लौटे हैं।
Q. बदहाल ट्रैक का पर्यटकों पर क्या असर पड़ रहा है?
पर्यटकों को जोखिम उठाकर यात्रा करनी पड़ रही है।
Q. कफनी ग्लेशियर तक पहुंचना अभी कैसा है?
रास्ते की स्थिति के कारण वहां पहुंचना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।








