सीजेपी के नेताओं अभिजीत दीपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका को दिल्ली की एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट कोर्ट ने शर्तों के साथ रिहा करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने तीनों को एक साल तक शांति बनाए रखने को कहा है। वे करीब 24 घंटे हिरासत में रहे थे।

तीनों नेताओं को दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन में मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। सीजेपी की लीगल हेड रत्ना सिंह ने बताया कि उनके प्रतिनिधित्व के लिए वकील थाने में मौजूद थे। पुलिस ने नेताओं को एहतियातन हिरासत में रखने की बात कही थी।

सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका के अनुसार, पार्टी दोपहर 2 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी। संगठन ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन जारी रखने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक विरोध जारी रखने की बात कही है।

दिल्ली में बैरिकेडिंग और सुरक्षा

प्रदर्शन के दूसरे दिन निर्वाचन सदन की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेड लगाए गए। अशोका रोड, संसद मार्ग और टॉलस्टॉय मार्ग से जंतर-मंतर जाने वाला रास्ता पूरी तरह बंद रहा। कुछ दूसरे रास्तों पर भी बैरिकेडिंग की गई, हालांकि लोगों को वहां से जाने दिया गया।

जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई। जनपथ गोल चक्कर पर जांच के दौरान कनॉट प्लेस और जंतर-मंतर की ओर जाने वाले वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित की गई। दिल्ली कैंट पुलिस स्टेशन के बाहर भी सुरक्षा कड़ी रही।

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने रविवार, 11 अक्टूबर को नई दिल्ली और सेंट्रल दिल्ली के कई इलाकों में यातायात प्रभावित होने की संभावना जताई थी। धौला कुआं फ्लाईओवर, झंडेवालान, मंडी हाउस, कनॉट प्लेस, जंतर-मंतर रोड, लोदी रोड फ्लाईओवर, पटेल चौक, रेल भवन और राम मनोहर लोहिया अस्पताल के आसपास डायवर्जन की संभावना बताई गई।

पुलिस ने रेलवे स्टेशन, आईएसबीटी और एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों से यात्रा की योजना पहले बनाने और अतिरिक्त समय लेकर निकलने को कहा। यातायात जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 1095 और 011-25844444 जारी किए गए।

पहले दिन हिरासत और मेट्रो सेवा

सीजेपी के प्रदर्शन के आह्वान के बाद शनिवार को दिल्ली में करीब 3,000 लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी गई। इनमें अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी, पिनराई विजयन और माणिक सरकार सहित 4 पूर्व मुख्यमंत्री भी शामिल बताए गए। ज्यादातर लोगों को रात तक रिहा कर दिया गया था।

प्रदर्शन के दौरान 45 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद किए गए थे। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने बाद में सभी स्टेशनों के गेट खोलने और यात्रियों के लिए इंटरचेंज सुविधा बहाल करने की जानकारी दी।

सीजेपी नेता के परिवार ने महाराष्ट्र के हिंगोली में अभिजीत दीपके से संपर्क नहीं होने का दावा किया। उनकी मां अनीता दीपके ने कहा कि परिवार उनकी दादी के अंतिम संस्कार के लिए उनके लौटने का इंतजार कर रहा था। परिवार ने दिल्ली पुलिस पर झूठ बोलने का आरोप लगाया, जबकि ये आरोप परिवार की ओर से लगाए गए हैं।

यूट्यूबर ध्रुव राठी को भी प्रदर्शन के बीच हिरासत में लिया गया था। स्रोत के अनुसार, उन्हें गुरुग्राम स्थित घर से हिरासत में लिए जाने के बाद देर रात रिहा कर दिया गया।

निष्कर्ष

सीजेपी के 3 नेताओं को मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश के बाद रिहाई मिल गई है। एक साल तक शांति बनाए रखने की शर्त के बीच पार्टी ने दोपहर 2 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस और प्रदर्शन जारी रखने की घोषणा की है। दिल्ली में सुरक्षा और यातायात प्रतिबंधों का असर अभी भी नई दिल्ली और सेंट्रल दिल्ली के इलाकों में रहा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. सीजेपी के किन नेताओं को रिहा किया गया?

अभिजीत दीपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका को शर्तों के साथ रिहा करने का आदेश दिया गया।

Q. कोर्ट ने रिहाई के साथ क्या शर्त रखी?

कोर्ट ने तीनों नेताओं को एक साल तक शांति बनाए रखने को कहा है।

Q. सीजेपी की प्रेस कॉन्फ्रेंस कब होनी है?

सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका के अनुसार, प्रेस कॉन्फ्रेंस दोपहर 2 बजे होगी।

Q. प्रदर्शन के कारण कौन से रास्ते बंद रहे?

अशोका रोड, संसद मार्ग और टॉलस्टॉय मार्ग से जंतर-मंतर जाने वाला रास्ता पूरी तरह बंद रहा।

Q. क्या दिल्ली मेट्रो के गेट बंद थे?

प्रदर्शन के दौरान 45 मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद किए गए थे। बाद में सभी स्टेशनों के प्रवेश और निकास गेट खोल दिए गए।

Q. ट्रैफिक जानकारी के लिए कौन से नंबर जारी किए गए?

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 1095 और 011-25844444 हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।