उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में रहने वाली अभिनेत्री उर्मिला सनावर को अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच के सिलसिले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने नोटिस भेजा है। नोटिस के अनुसार, उन्हें 23 अक्टूबर 2026 को देहरादून के विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश होकर नार्को-एनालिसिस टेस्ट के लिए अपनी सहमति देनी है।
नोटिस में टेस्ट के लिए सहमति लेने की प्रक्रिया का उल्लेख है। इससे यह स्पष्ट नहीं होता कि नार्को-एनालिसिस टेस्ट उसी दिन किया जाएगा। इस मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित न्यायिक प्रक्रिया और जांच एजेंसी के कदमों पर निर्भर करेगी।
उर्मिला ने निष्पक्ष जांच की उम्मीद जताई
उर्मिला सनावर ने उम्मीद जताई कि सीबीआई की निष्पक्ष जांच अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि न्याय की मांग अब पूरे देश की भावनाओं को एकजुट कर चुकी है।
उन्होंने जांच एजेंसी से सच्चाई सामने लाने और कथित “वीआईपी” की पहचान उजागर करने की अपील की। यहां वीआईपी का उल्लेख एक कथित भूमिका के संदर्भ में है। किसी व्यक्ति की पहचान या उसके खिलाफ कोई प्रमाणित निष्कर्ष की जानकारी अभी नहीं है।
अभिनेत्री ने अपनी 4 साल की न्याय की लड़ाई का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई और अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग साथ-साथ आगे बढ़नी चाहिए।
उर्मिला के मुताबिक, निष्पक्ष जांच से सरकार और जांच एजेंसियों पर लोगों का भरोसा मजबूत होगा। उनका यह बयान जांच में पारदर्शिता और कथित वीआईपी की पहचान को लेकर उठ रही मांगों के संदर्भ में आया है।
सहारनपुर में सीबीआई की कार्रवाई की पृष्ठभूमि
18 अक्टूबर 2026 को एएनआई और ईटीवी भारत की रिपोर्टों में बताया गया था कि अंकिता भंडारी मामले की जांच के सिलसिले में सीबीआई टीम सहारनपुर में उर्मिला सनावर के आवास पहुंची थी और उनसे पूछताछ की गई थी। ये रिपोर्टें मौजूदा नोटिस से पहले की कार्रवाई से संबंधित हैं।
मौजूदा घटनाक्रम में सीबीआई ने उर्मिला को देहरादून के विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश होने को कहा है। उनकी सहमति से जुड़ी प्रक्रिया 23 अक्टूबर 2026 को होनी है।
मामले में आगे क्या होगा
अब विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने उर्मिला की उपस्थिति और नार्को-एनालिसिस टेस्ट के लिए उनकी सहमति महत्वपूर्ण होगी। इसके बाद जांच एजेंसी उपलब्ध कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ेगी।
उर्मिला ने जांच एजेंसी से मामले की सच्चाई सामने लाने की मांग की है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कथित वीआईपी की पहचान का सवाल इस जांच में प्रमुख मांगों में शामिल है।
निष्कर्ष
सीबीआई ने अभिनेत्री उर्मिला सनावर को 23 अक्टूबर 2026 को देहरादून में विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश होकर नार्को-एनालिसिस टेस्ट के लिए सहमति देने का नोटिस दिया है। उर्मिला ने निष्पक्ष जांच, अंकिता भंडारी को न्याय और कथित वीआईपी की पहचान उजागर करने की मांग दोहराई है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. सीबीआई ने उर्मिला सनावर को नोटिस क्यों भेजा है?
सीबीआई ने अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच के सिलसिले में उन्हें नोटिस भेजा है। उन्हें नार्को-एनालिसिस टेस्ट के लिए सहमति देने को कहा गया है।
Q. उर्मिला सनावर को कब और कहां पेश होना है?
उन्हें 23 अक्टूबर 2026 को देहरादून के विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश होना है।
Q. क्या 23 अक्टूबर को नार्को-एनालिसिस टेस्ट होगा?
उपलब्ध जानकारी में उस दिन सहमति लेने की प्रक्रिया का उल्लेख है। टेस्ट उसी दिन होगा या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है।
Q. उर्मिला सनावर ने जांच एजेंसी से क्या मांग की है?
उन्होंने सच्चाई सामने लाने और कथित “वीआईपी” की पहचान उजागर करने की मांग की है।
Q. उर्मिला ने अपनी कौन-सी लड़ाई का जिक्र किया?
उन्होंने अपनी 4 साल की न्याय की लड़ाई का जिक्र करते हुए उसे अंकिता भंडारी मामले में न्याय की मांग से जोड़ा है।
Q. सीबीआई की जांच को लेकर उर्मिला की क्या उम्मीद है?
उन्हें उम्मीद है कि निष्पक्ष जांच अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने में मदद करेगी और लोगों का भरोसा मजबूत करेगी।












