नैनीताल जिले के बेतालघाट में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की छात्राओं ने अपने अभिभावकों के साथ बाजार में रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों ने स्कूल में पर्याप्त शिक्षक तैनात करने की मांग उठाई।

छात्राओं और अभिभावकों के अनुसार, जिलाधिकारी ने कुछ समय पहले 7 विषयों के शिक्षकों की तैनाती के निर्देश दिए थे। उनका कहना है कि इन विषयों में अब तक कोई शिक्षक विद्यालय में कार्यभार संभालने नहीं पहुंचा है।

पढ़ाई और बोर्ड परीक्षा की तैयारी पर असर

विद्यालय में शिक्षकों की कमी के कारण नियमित कक्षाएं सुचारु रूप से नहीं चल पा रही हैं। छात्राओं का कहना है कि इसका सीधा असर बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी पर पड़ रहा है।

प्रदर्शन में शामिल अभिभावकों ने यह भी कहा कि विद्यालय में पहले से काम कर रहे शिक्षकों के तबादले की जानकारी सामने आ रही है। हालांकि, इस संबंध में उपलब्ध जानकारी में किसी आधिकारिक तबादला आदेश का उल्लेख नहीं है।

अभिभावकों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द शिक्षकों की तैनाती नहीं हुई तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा। उनका कहना है कि छात्राओं की पढ़ाई लंबे समय तक प्रभावित नहीं होने दी जा सकती।

बेतालघाट की यह मांग ऐसे समय उठी है, जब कुछ दिन पहले चमोली के नैनीसैंण में भी छात्रों ने शिक्षकों की कमी को लेकर इसी तरह प्रदर्शन किया था। दोनों मामलों में विद्यार्थियों ने स्कूलों में पर्याप्त शिक्षकीय व्यवस्था की मांग की है।

निष्कर्ष

बेतालघाट के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में 7 विषयों के शिक्षकों की तैनाती नहीं होने से कक्षाएं और बोर्ड परीक्षा की तैयारी प्रभावित होने की बात सामने आई है। अभिभावकों ने जल्द नियुक्ति नहीं होने पर आंदोलन बढ़ाने की चेतावनी दी है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. बेतालघाट में किस स्कूल की छात्राओं ने रैली निकाली?

राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, बेतालघाट की छात्राओं ने अभिभावकों के साथ रैली निकाली।

Q. रैली का मुख्य मुद्दा क्या था?

प्रदर्शनकारियों ने स्कूल में शिक्षकों की तैनाती की मांग की।

Q. कितने विषयों के शिक्षकों की तैनाती का आदेश बताया गया है?

छात्राओं और अभिभावकों के अनुसार, 7 विषयों के शिक्षकों की तैनाती के निर्देश दिए गए थे।

Q. शिक्षकों की कमी से क्या असर पड़ा है?

नियमित कक्षाएं प्रभावित हैं और बोर्ड परीक्षा की तैयारी पर भी असर पड़ा है।

Q. अभिभावकों ने आगे क्या चेतावनी दी है?

उन्होंने कहा है कि जल्द शिक्षक नहीं पहुंचे तो आंदोलन को और बड़ा किया जाएगा।