उत्तरकाशी के बड़कोट स्थित जोत सिंह रवांल्टा राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप मेला और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें सैकड़ों युवाओं ने भाग लिया और अप्रेंटिसशिप, कौशल विकास तथा रोजगार के अवसरों के बारे में जानकारी हासिल की।
कार्यक्रम का उद्घाटन राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. विनोद कुमार ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। उन्होंने युवाओं को कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा के महत्व के बारे में बताया। डॉ. कुमार ने कहा कि नौकरी पाने के लिए डिग्री के साथ व्यावहारिक ज्ञान और अनुभव भी जरूरी है।
आईटीआई बड़कोट के प्रधानाचार्य हरि प्रसाद सेमवाल ने युवाओं से मेले का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने अप्रेंटिसशिप और कौशल आधारित प्रशिक्षण को रोजगार की तैयारी के लिए उपयोगी बताया।
कार्यक्रम में प्रहलाद सिंह चौहान, अमित सिंह, जयवीर सिंह रावत, राधेश्याम नौटियाल, डॉ. बी.एल. थपलियाल, दिनेश सिंह रावत और गौरव आर्य ने युवाओं को अप्रेंटिसशिप तथा नौकरी की संभावनाओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम का संचालन जगमोहन सिंह राणा ने किया। आयोजन का उद्देश्य युवाओं को कौशल आधारित ट्रेनिंग और अप्रेंटिसशिप का महत्व समझाना तथा उन्हें रोजगार के लिए तैयार करना था।
निष्कर्ष
बड़कोट आईटीआई में आयोजित मेले के जरिए सैकड़ों युवाओं को अप्रेंटिसशिप, तकनीकी शिक्षा और रोजगार के अवसरों की जानकारी मिली। कार्यक्रम में व्यावहारिक ज्ञान और कौशल विकास को नौकरी की तैयारी के लिए जरूरी बताया गया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. अप्रेंटिसशिप मेला कहां आयोजित हुआ?
जोत सिंह रवांल्टा राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, बड़कोट में मेला आयोजित हुआ।
Q. कार्यक्रम में कितने युवाओं ने हिस्सा लिया?
कार्यक्रम में सैकड़ों युवाओं ने भाग लिया।
Q. मेले में किन विषयों की जानकारी दी गई?
युवाओं को अप्रेंटिसशिप, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों की जानकारी दी गई।
Q. कार्यक्रम का उद्घाटन किसने किया?
राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. विनोद कुमार ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
Q. डॉ. विनोद कुमार ने युवाओं से क्या कहा?
उन्होंने बताया कि नौकरी के लिए डिग्री के साथ व्यावहारिक ज्ञान और अनुभव भी जरूरी है।
Q. आईटीआई बड़कोट के प्रधानाचार्य कौन हैं?
आईटीआई बड़कोट के प्रधानाचार्य हरि प्रसाद सेमवाल हैं।
Q. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या था?
कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को कौशल आधारित ट्रेनिंग और अप्रेंटिसशिप का महत्व समझाकर उन्हें नौकरी के लिए तैयार करना था।










