चम्पावत जिले के बनबसा स्थित पाटनी तिराहे पर हनुमान जी की नवनिर्मित 11 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया गया। इस अवसर पर सुंदरकांड पाठ में भी सहभागिता हुई।

पुष्कर धामी की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान पाटनी तिराहे का नाम हनुमान चौक किए जाने की घोषणा की गई। इससे इस स्थान की नई पहचान हनुमान चौक के रूप में होगी।

धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं पर जोर

कार्यक्रम के संदेश में सनातन संस्कृति को पहचान और अमूल्य धरोहर बताया गया। इसमें धार्मिक आस्थाओं, परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण पर जोर दिया गया।

संदेश के अनुसार, इन परंपराओं और मूल्यों को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाना सभी का दायित्व है। प्रतिमा का अनावरण और सुंदरकांड पाठ इसी धार्मिक-सांस्कृतिक संदर्भ में आयोजित कार्यक्रम का हिस्सा रहा।

स्थानीय स्तर पर नई पहचान

पाटनी तिराहे का नाम हनुमान चौक किए जाने की घोषणा इस आयोजन का प्रमुख फैसला रहा। स्थान का नाम बदलने की घोषणा के साथ वहां स्थापित नई प्रतिमा धार्मिक पहचान का केंद्र बनेगी।

कार्यक्रम में क्या हुआ

  • हनुमान जी की नवनिर्मित 11 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया गया।
  • सुंदरकांड पाठ में सहभागिता हुई।
  • पाटनी तिराहे का नाम हनुमान चौक किए जाने की घोषणा हुई।

निष्कर्ष

बनबसा के पाटनी तिराहे पर 11 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा के अनावरण के साथ सुंदरकांड पाठ हुआ। कार्यक्रम में तिराहे का नाम हनुमान चौक करने की घोषणा की गई और सनातन संस्कृति व धार्मिक परंपराओं के संरक्षण का संदेश दिया गया।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. हनुमान प्रतिमा कहां स्थापित की गई है?

पाटनी तिराहे, बनबसा, चम्पावत में हनुमान जी की नवनिर्मित प्रतिमा स्थापित की गई है।

Q. प्रतिमा की ऊंचाई कितनी है?

प्रतिमा की ऊंचाई 11 फीट है।

Q. कार्यक्रम में कौन-सा धार्मिक आयोजन हुआ?

कार्यक्रम में सुंदरकांड पाठ हुआ, जिसमें सहभागिता की गई।

Q. पाटनी तिराहे का नया नाम क्या होगा?

पाटनी तिराहे का नाम हनुमान चौक किए जाने की घोषणा की गई है।

Q. कार्यक्रम में किस बात पर जोर दिया गया?

सनातन संस्कृति, धार्मिक आस्थाओं और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण पर जोर दिया गया।