उत्तराखंड के चंपावत जिले के बनबसा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक आयोजित की गई। बैठक का आयोजन देहरादून से बाहर शासन को जनता और स्थानीय जरूरतों के करीब ले जाने की पहल के तौर पर किया गया।
सरकार का कहना है कि अलग-अलग जिलों में कैबिनेट बैठकें कराने से वहां की समस्याओं, संभावनाओं और लोगों की अपेक्षाओं को सीधे शासन की चर्चा में जगह मिल सकती है। इसी सोच के तहत प्रदेश के विभिन्न जनपदों में ऐसी बैठकें आयोजित की जा रही हैं।
स्थानीय जरूरतों के मुताबिक फैसलों पर जोर
बनबसा में हुई बैठक को विकेंद्रीकृत और जनकेंद्रित शासन की दिशा में कदम बताया गया। इसका उद्देश्य विकास और सुशासन का फायदा प्रदेश के हर क्षेत्र तक पहुंचाना है। इस बैठक में लिए गए किसी विशेष फैसले का विवरण की जानकारी अभी नहीं है।
कैबिनेट की बैठक को चंपावत जैसे सीमांत जिले में आयोजित करने से स्थानीय मुद्दों को महत्व देने का संदेश गया। सरकार के मुताबिक, जिलों में बैठकें होने से क्षेत्रीय परिस्थितियों और जनआकांक्षाओं के आधार पर प्रभावी निर्णय लेने में मदद मिल सकती है।
देवीधुरा की बग्वाल परंपरा की झलक
कार्यक्रम के दौरान देवीधुरा की प्रसिद्ध बग्वाल परंपरा में इस्तेमाल होने वाली पारंपरिक फर्रा या छंतोली ढाल प्रदर्शित की गई। इसके जरिए उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया।
देवीधुरा की बग्वाल परंपरा से जुड़ी यह ढाल कार्यक्रम में क्षेत्र की पहचान और लोक संस्कृति का प्रतीक बनी। बैठक के प्रशासनिक उद्देश्य के साथ इस सांस्कृतिक प्रस्तुति ने चंपावत की स्थानीय विरासत को भी सामने रखा।
निष्कर्ष
बनबसा की कैबिनेट बैठक ने उत्तराखंड में शासन को जिलों तक ले जाने और स्थानीय जरूरतों को महत्व देने की पहल को रेखांकित किया। कार्यक्रम में देवीधुरा की बग्वाल परंपरा की ढाल का प्रदर्शन क्षेत्रीय संस्कृति के सम्मान का संदेश भी रहा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. बनबसा में कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता किसने की?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बैठक की अध्यक्षता की।
Q. बैठक कहां आयोजित की गई?
बैठक उत्तराखंड के चंपावत जिले के बनबसा में आयोजित की गई।
Q. जिलों में कैबिनेट बैठकें कराने का उद्देश्य क्या बताया गया?
इसका उद्देश्य स्थानीय समस्याओं, संभावनाओं और जनआकांक्षाओं के अनुरूप फैसले लेने की कोशिश करना है।
Q. सरकार देहरादून से बाहर बैठकें क्यों कर रही है?
सरकार का कहना है कि इससे विकास और सुशासन का लाभ प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों तक पहुंचाने पर जोर दिया जा सकता है।
Q. कार्यक्रम में कौन-सी सांस्कृतिक वस्तु प्रदर्शित की गई?
देवीधुरा की बग्वाल परंपरा में इस्तेमाल होने वाली फर्रा या छंतोली ढाल प्रदर्शित की गई।












