बागेश्वर जिले की कपकोट विधानसभा के दुलम ग्राम पंचायत क्षेत्र में सड़क का मुद्दा फिर सामने आया है। ठांगगधार और गाड़ाखरिक तोक के ग्रामीणों ने सड़क निर्माण में देरी पर नाराजगी जताते हुए आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनाव के बहिष्कार की घोषणा की है।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी के जरिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र भेजकर अपनी समस्या बताई है। उनका कहना है कि गांसू-अकोठा से ठांगगधार-गाड़ाखरिक तक सड़क बनाने की मांग वर्ष 2009 से लगातार उठाई जा रही है।
डीपीआर की प्रगति की जानकारी से नाराजगी
ग्रामीणों के अनुसार, संबंधित विभाग की ओर से हर बार डीपीआर प्रगति पर होने की बात कही जाती है। इसके बावजूद सड़क निर्माण का काम आगे नहीं बढ़ा है। लंबे समय से मांग पूरी नहीं होने के कारण दोनों तोकों के लोगों में असंतोष बढ़ा है।
ठांगगधार और गाड़ाखरिक को अति दुर्गम क्षेत्र बताया गया है। यहां सैन्य परिवारों की संख्या भी अधिक है। ग्रामीणों ने पत्र में शहीद हवलदार दयाल सिंह, शहीद दीवान सिंह सेना मेडल सहित कई वीर सैनिकों के परिवारों का उल्लेख किया है।
ग्रामीणों का चुनाव बहिष्कार का फैसला सड़क निर्माण की मांग को लेकर प्रशासन और सरकार का ध्यान खींचने की कोशिश है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, विभागीय स्तर पर डीपीआर की प्रगति का ही उल्लेख किया गया है।
निष्कर्ष
ठांगगधार और गाड़ाखरिक के ग्रामीण 2009 से सड़क की मांग कर रहे हैं। सड़क निर्माण नहीं होने पर उन्होंने आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनाव में मतदान बहिष्कार की घोषणा की है तथा केंद्रीय गृहमंत्री को पत्र भेजा है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. सड़क की मांग किस मार्ग के लिए की जा रही है?
ग्रामीण गांसू-अकोठा से ठांगगधार-गाड़ाखरिक तक सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं।
Q. यह मांग कब से उठाई जा रही है?
ग्रामीणों के अनुसार, सड़क की मांग वर्ष 2009 से की जा रही है।
Q. किन क्षेत्रों के लोग चुनाव बहिष्कार की बात कह रहे हैं?
दुलम ग्राम पंचायत के ठांगगधार और गाड़ाखरिक तोक के ग्रामीणों ने यह फैसला लिया है।
Q. ग्रामीणों ने किसे पत्र भेजा है?
जिलाधिकारी के माध्यम से केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र भेजा गया है।
Q. विभाग की ओर से अब तक क्या जानकारी दी गई है?
ग्रामीणों के अनुसार, विभाग डीपीआर प्रगति पर होने की बात कह रहा है।








