बागेश्वर में यूपीआई भुगतान पर शुल्क लगाए जाने की चर्चाओं के बीच कारोबारियों में नाराजगी बढ़ रही है। व्यापारियों का कहना है कि डिजिटल भुगतान अब रोजमर्रा के कारोबार का जरूरी हिस्सा बन चुका है। ऐसे में यूपीआई लेनदेन पर अतिरिक्त शुल्क छोटे और मध्यम कारोबारियों के लिए परेशानी बढ़ा सकता है।
नगर के कारोबारी कवि जोशी और ललित तिवारी ने कहा कि डिजिटल भुगतान की सुविधा से ग्राहक नकद के बजाय यूपीआई को प्राथमिकता दे रहे हैं। दुकानों पर यूपीआई से भुगतान होने के कारण खुले पैसों की समस्या भी कम हुई है।
कारोबारियों के अनुसार, यदि यूपीआई भुगतान पर शुल्क लिया गया तो उसका असर व्यापारियों और ग्राहकों दोनों पर पड़ेगा। उनका कहना है कि व्यापारी पहले से विभिन्न करों और बढ़ती कारोबारी लागत का सामना कर रहे हैं। ऐसे में डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क का भार डालना उचित नहीं होगा।
कवि जोशी ने कहा, “अधिकतर ग्राहक यूपीआई से भुगतान करते हैं। जीएसटी लगने पर हमें भी मजबूरन ग्राहकों से अतिरिक्त भुगतान लेना पड़ेगा।”
ललित तिवारी के मुताबिक, यूपीआई पर अतिरिक्त टैक्स लगने से कारोबारियों और ग्राहकों पर असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि छोटे दुकानदारों के लिए हर लेनदेन पर शुल्क देना मुश्किल होगा।
कारोबारी गुड्डू स्वामी ने कहा कि महंगाई और बढ़ती कारोबारी लागत से व्यापारी पहले से परेशान हैं। उनके अनुसार, ऐसी स्थिति में डिजिटल भुगतान पर शुल्क उचित नहीं है।
गणेश पांडेय ने कहा कि ग्राहक नकदी के बजाय यूपीआई से भुगतान करना पसंद करते हैं। यदि शुल्क लगाया गया तो उसका बोझ ग्राहकों पर भी पड़ सकता है।
निष्कर्ष
बागेश्वर के कारोबारियों ने यूपीआई भुगतान पर शुल्क लगाए जाने की चर्चाओं पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि इससे छोटे दुकानदारों और ग्राहकों दोनों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. बागेश्वर में कारोबारी किस बात से नाराज हैं?
यूपीआई भुगतान पर शुल्क लगाए जाने की चर्चाओं से कारोबारी नाराज हैं।
Q. कारोबारी यूपीआई को कारोबार के लिए क्यों जरूरी मानते हैं?
उनके अनुसार, ग्राहक बड़ी संख्या में नकद के बजाय यूपीआई से भुगतान करते हैं। इससे खुले पैसों की समस्या भी कम हुई है।
Q. शुल्क लगाए जाने पर किस पर असर पड़ सकता है?
कारोबारियों का कहना है कि इसका असर छोटे दुकानदारों, व्यापारियों और ग्राहकों पर पड़ सकता है।
Q. कवि जोशी ने क्या कहा?
कवि जोशी ने कहा कि अधिकतर ग्राहक यूपीआई से भुगतान करते हैं और शुल्क लगने पर ग्राहकों से अतिरिक्त भुगतान लेना पड़ सकता है।
Q. कारोबारियों के अनुसार अभी उनकी प्रमुख चिंता क्या है?
उन्होंने महंगाई, विभिन्न करों और बढ़ती कारोबारी लागत को अपनी प्रमुख चिंताओं में बताया है।











