बागेश्वर में त्योहारी सीजन के बीच खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों ने लोगों का घरेलू बजट बिगाड़ दिया है। बाजार में चीनी और सरसों तेल के दाम बढ़ने से ग्राहक खरीदारी से पहले भाव पूछ रहे हैं और जरूरत के मुताबिक ही सामान ले रहे हैं।

त्योहारों के दौरान घरों में पूड़ी, पकवान और मिठाइयां बनाने के लिए खाद्य तेल की मांग बढ़ जाती है। इसी तरह मिठाइयों और दूसरे व्यंजनों में इस्तेमाल होने वाली चीनी की खपत भी बढ़ती है। बाजार में इसी बढ़ी हुई मांग के बीच कीमतों में उछाल दर्ज किया गया है।

चीनी और सरसों तेल के नए दाम

बाजार में चीनी अब 65 रुपये प्रति किलो बिक रही है। इसकी कीमत पहले 55 रुपये प्रति किलो थी। यानी चीनी के दाम में 10 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है।

15 लीटर सरसों तेल के टिन की कीमत में करीब 150 रुपये का इजाफा हुआ है। अब यह टिन 2600 रुपये में मिल रहा है। इसके अलावा दालों के दामों में भी बढ़ोतरी बताई गई है।

खरीदारी पर दिख रहा असर

खाद्य पदार्थों के महंगे होने से लोग घरेलू खर्च का हिसाब लगाकर खरीदारी कर रहे हैं। कई ग्राहक तेल, चीनी और दूसरे राशन का सामान केवल अपनी जरूरत के अनुसार खरीद रहे हैं।

त्योहारी पकवान और मिठाइयां बनाने वाले परिवारों के लिए तेल और चीनी की बढ़ी कीमत सीधे खर्च पर असर डाल रही है। दालों के दाम बढ़ने से रोजमर्रा की रसोई का बजट भी प्रभावित हो रहा है।

निष्कर्ष

बागेश्वर के बाजार में त्योहारी मांग के बीच चीनी, सरसों तेल और दालों के दाम बढ़े हैं। चीनी 65 रुपये किलो और 15 लीटर सरसों तेल का टिन 2600 रुपये में मिलने से ग्राहक सीमित और जरूरत आधारित खरीदारी कर रहे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. बागेश्वर में चीनी कितने रुपये किलो हो गई है?

चीनी की कीमत बढ़कर 65 रुपये प्रति किलो हो गई है। पहले यह 55 रुपये प्रति किलो थी।

Q. सरसों तेल के 15 लीटर टिन की कीमत कितनी है?

15 लीटर सरसों तेल का टिन अब 2600 रुपये में मिल रहा है।

Q. सरसों तेल के टिन की कीमत में कितनी बढ़ोतरी हुई है?

15 लीटर के टिन पर करीब 150 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।

Q. दाम बढ़ने का ग्राहकों पर क्या असर पड़ा है?

लोग सामान खरीदने से पहले भाव पूछ रहे हैं और जरूरत के अनुसार ही तेल, चीनी व अन्य राशन खरीद रहे हैं।

Q. त्योहारी सीजन में तेल और चीनी की मांग क्यों बढ़ती है?

त्योहारों में घरों पर पूड़ी, पकवान और मिठाइयां बनाने के कारण तेल और चीनी की मांग बढ़ जाती है।