भारतीय सेना की आर्मी सर्विस कॉर्प्स व्हाइट वाटर राफ्टिंग एक्सपीडिशन 2026 को 6 अक्टूबर 2026 को देहरादून से रवाना किया गया। सेंट्रल कमांड के एमजीएएससी मेजर जनरल पीके तिवारी ने अभियान को हरी झंडी दिखाई।
भारतीय सेना के अनुसार, यह अभियान 7 से 11 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। दल रुद्रप्रयाग से ऋषिकेश के बीच करीब 145 किमी लंबे चुनौतीपूर्ण नदी मार्ग पर राफ्टिंग करेगा।
अभियान का उद्देश्य
इस अभियान का मकसद सैन्यकर्मियों में साहस, धैर्य, टीम भावना और रोमांच की भावना को बढ़ावा देना है। नदी मार्ग की चुनौती के दौरान दल इन क्षमताओं को व्यवहार में इस्तेमाल करेगा।
अभियान दल में 16 सैन्यकर्मी
अभियान दल में 02 अधिकारी, 02 जूनियर कमीशंड अधिकारी और 12 अन्य रैंक के सैन्यकर्मी शामिल हैं। भारतीय सेना ने दल की कुल संख्या 16 बताई है।
रुद्रप्रयाग से ऋषिकेश तक का करीब 145 किमी नदी मार्ग इस अभियान का मुख्य हिस्सा होगा। अभियान 11 अक्टूबर 2026 को पूरा होना है।
निष्कर्ष
आर्मी सर्विस कॉर्प्स का यह राफ्टिंग अभियान 7 से 11 अक्टूबर तक रुद्रप्रयाग और ऋषिकेश के बीच आयोजित होगा। इसका फोकस सैन्यकर्मियों में साहस, धैर्य, टीम भावना और रोमांच को बढ़ाना है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. आर्मी सर्विस कॉर्प्स राफ्टिंग एक्सपीडिशन 2026 कहां से रवाना हुआ?
अभियान को देहरादून से रवाना किया गया।
Q. अभियान को किसने हरी झंडी दिखाई?
सेंट्रल कमांड के एमजीएएससी मेजर जनरल पीके तिवारी ने अभियान को हरी झंडी दिखाई।
Q. यह अभियान कब तक चलेगा?
अभियान 7 से 11 अक्टूबर 2026 तक चलेगा।
Q. राफ्टिंग अभियान का मार्ग क्या है?
दल रुद्रप्रयाग से ऋषिकेश के बीच करीब 145 किमी लंबे नदी मार्ग पर राफ्टिंग करेगा।
Q. अभियान दल में कितने सैन्यकर्मी हैं?
दल में 02 अधिकारी, 02 जूनियर कमीशंड अधिकारी और 12 अन्य रैंक के सैन्यकर्मी हैं।
Q. अभियान का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य सैन्यकर्मियों में साहस, धैर्य, टीम भावना और रोमांच की भावना को बढ़ावा देना है।












