अल्मोड़ा के कंडे गांव में पशुपालन विभाग ने पशु चिकित्सा शिविर लगाया। शिविर में 23 पशुपालकों को लाभ मिला। इस दौरान 40 बड़े और छोटे पशुओं की स्वास्थ्य जांच कर उनका इलाज किया गया।
शिविर में 80 छोटे पशुओं को दवा पिलाई गई। इन पशुओं को दवा से नहलाया भी गया। पशु चिकित्सकों ने पशुओं की सेहत से जुड़ी समस्याओं की जांच की और जरूरत के अनुसार उपचार किया।
पशु आधार सत्यापन भी हुआ
पशु चिकित्सालय बसौली की ओर से आयोजित इस शिविर में पशुओं का पशु आधार सत्यापन भी किया गया। शिविर के दौरान पशुपालकों को जानवरों की देखभाल और बीमारियों से बचाव के तरीके बताए गए।
पशु चिकित्सकों और कर्मचारियों ने पशुपालकों को पशुओं के स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जानकारी दी। विभागीय शिविर का उद्देश्य जांच, उपचार और जरूरी दवा उपलब्ध कराने के साथ पशुपालकों को जागरूक करना रहा।
यह शिविर पशुपालन, मत्स्य पालन, डेयरी विकास और कौशल विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा के निर्देश पर लगाया गया था। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. योगेश अग्रवाल के आदेश पर पशु चिकित्सालय बसौली ने इसका आयोजन किया।
निष्कर्ष
कंडे गांव के शिविर में 23 पशुपालकों को लाभ मिला। 40 पशुओं का उपचार, 80 छोटे पशुओं को दवा पिलाने और दवा से नहलाने के साथ पशु आधार सत्यापन भी किया गया।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. कंडे गांव में किस तरह का शिविर लगाया गया?
पशुपालन विभाग ने पशु चिकित्सा शिविर लगाया था।
Q. शिविर में कितने पशुपालकों को लाभ मिला?
शिविर में 23 पशुपालकों को लाभ मिला।
Q. कितने बड़े और छोटे पशुओं का इलाज किया गया?
शिविर में 40 बड़े और छोटे पशुओं का इलाज किया गया।
Q. 80 छोटे पशुओं के लिए क्या किया गया?
80 छोटे पशुओं को दवा पिलाई गई और उन्हें दवा से नहलाया गया।
Q. शिविर का आयोजन किसने किया?
शिविर का आयोजन पशु चिकित्सालय बसौली ने किया था।
Q. शिविर में उपचार के अलावा कौन-सी प्रक्रिया हुई?
पशुओं का पशु आधार सत्यापन भी किया गया।
Q. शिविर लगाने के निर्देश किसने दिए थे?
यह शिविर मंत्री सौरभ बहुगुणा के निर्देश पर लगाया गया था। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. योगेश अग्रवाल के आदेश पर इसका आयोजन हुआ।











