अल्मोड़ा जिला अस्पताल में मंगलवार को आयोजित मुफ्त हृदय जांच शिविर में 17 बच्चों की स्क्रीनिंग की गई। जांच के बाद 10 बच्चों में हृदय रोग की गंभीरता सामने आई और उन्हें सर्जरी के लिए उच्चस्तरीय इलाज की जरूरत बताई गई।
यह शिविर राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत लगाया गया था। इसमें जन्म से 18 वर्ष तक के बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई। नारायणा अस्पताल गुरुग्राम के वरिष्ठ बाल हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. विकास गुप्ता ने बच्चों का चिकित्सीय परीक्षण किया।
10 बच्चों को गुरुग्राम भेजने की तैयारी
जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र के मुताबिक, 10 बच्चों में तत्काल सर्जरी की आवश्यकता पाई गई है। इन बच्चों को आगे के इलाज के लिए नारायणा अस्पताल गुरुग्राम रेफर किया जाएगा।
शिविर में जांच के बाद 6 बच्चों को डॉक्टरों ने परामर्श दिया और जरूरी दवाइयां उपलब्ध कराईं। वहीं, एक बच्चे की रिपोर्ट सामान्य रही और उसे पूरी तरह स्वस्थ पाया गया।
जिला अस्पताल के पीएमएस डॉ. एचसी गड़कोटी ने कहा कि इस तरह के शिविर पर्वतीय क्षेत्र के बच्चों को विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में मददगार हैं। उनके अनुसार, समय पर जांच और विशेषज्ञ इलाज से गंभीर हृदय रोग वाले बच्चों को बेहतर उपचार मिल सकता है।
निष्कर्ष
शिविर में सामने आए मामलों के आधार पर 10 बच्चों को सर्जरी के लिए उच्चस्तरीय उपचार की जरूरत है। उन्हें नारायणा अस्पताल गुरुग्राम रेफर किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. यह जांच शिविर कहां लगाया गया था?
यह शिविर अल्मोड़ा जिला अस्पताल में लगाया गया था।
Q. शिविर में कितने बच्चों की जांच हुई?
शिविर में कुल 17 बच्चों की स्क्रीनिंग और स्वास्थ्य जांच की गई।
Q. जांच के लिए बच्चों की उम्र कितनी थी?
शिविर में जन्म से 18 वर्ष तक के बच्चों की जांच की गई।
Q. कितने बच्चों को सर्जरी की जरूरत मिली?
10 बच्चों में तत्काल सर्जरी की आवश्यकता पाई गई। उन्हें उच्चस्तरीय इलाज के लिए नारायणा अस्पताल गुरुग्राम रेफर किया जाएगा।
Q. बाकी बच्चों की जांच में क्या सामने आया?
6 बच्चों को परामर्श और जरूरी दवाइयां दी गईं। एक बच्चा पूरी तरह स्वस्थ पाया गया।










