एम्स ऋषिकेश की CRE-3 भर्ती प्रक्रिया में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। कोतवाली ऋषिकेश पुलिस के अनुसार, बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान एक व्यक्ति की पहचान संदिग्ध पाई गई। वह मूल अभ्यर्थी के नाम पर सत्यापन कराने पहुंचा था।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार व्यक्ति मूल अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा में शामिल हुआ था। इसके बाद वह भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण में बायोमेट्रिक सत्यापन कराने आया, जहां पहचान का यह मामला सामने आया।

पुलिस ने किया गिरफ्तार

पुलिस के अनुसार, फर्जी अभ्यर्थी बनकर बायोमेट्रिक सत्यापन कराने आए व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार व्यक्ति का नाम, उसके खिलाफ दर्ज धाराएं और मामले की आगे की जांच का विवरण की जानकारी अभी नहीं है।

बायोमेट्रिक सत्यापन भर्ती प्रक्रिया में अभ्यर्थी की पहचान की जांच का चरण होता है। इसी प्रक्रिया के दौरान पुलिस के मुताबिक मूल अभ्यर्थी और परीक्षा देने वाले व्यक्ति से जुड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया।

निष्कर्ष

एम्स ऋषिकेश की CRE-3 भर्ती में मूल अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने वाले व्यक्ति के बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है। कोतवाली ऋषिकेश पुलिस ने संबंधित व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. मामला किस भर्ती से जुड़ा है?

यह मामला एम्स ऋषिकेश की CRE-3 भर्ती से जुड़ा है।

Q. फर्जीवाड़ा कब सामने आया?

फर्जीवाड़ा बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान सामने आया।

Q. गिरफ्तार व्यक्ति पर क्या आरोप है?

पुलिस के अनुसार, वह मूल अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा में शामिल हुआ था और बाद में फर्जी अभ्यर्थी बनकर बायोमेट्रिक सत्यापन कराने आया।

Q. कार्रवाई किस पुलिस इकाई ने की?

कोतवाली ऋषिकेश पुलिस ने संबंधित व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।