ऋषिकेश में एम्स के किच्छा सेटेलाइट सेंटर से जुड़े कथित नौकरी फर्जीवाड़े की जांच तेज हो गई है। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने आउटसोर्स एजेंसी राजदीप इंटरप्राइजेज के कार्यालय की तलाशी लेकर कई डिजिटल उपकरण जांच के लिए कब्जे में लिए हैं।

कार्रवाई के दौरान कंप्यूटर, लैपटॉप और दूसरे डिजिटल दस्तावेज सील किए गए। टीम इन्हें मामले से जुड़े रिकॉर्ड और नियुक्तिपत्रों की पड़ताल के लिए इस्तेमाल करेगी। पुलिस इस मामले में फर्जी नियुक्तिपत्र जारी करने और अभ्यर्थियों से धनराशि मांगने के आरोपों की जांच कर रही है।

कार्यालय में नहीं मिले कई कर्मचारी

बृहस्पतिवार को टीम एम्स परिसर में स्थित एजेंसी के कार्यालय पहुंची। उस समय वहां केवल चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी मौजूद था। घटना सामने आने के बाद एजेंसी के ज्यादातर कर्मचारी कार्यालय से अनुपस्थित बताए गए हैं। कर्मचारी सौम्या भी टीम को वहां नहीं मिली।

जांच के दौरान कुछ कथित फर्जी दस्तावेजों पर सौम्या के हस्ताक्षर मिलने की बात सामने आई है। पुलिस अभी यह पता कर रही है कि दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किस अधिकार या निर्देश के तहत किए गए। उसकी वास्तविक भूमिका पूछताछ और फॉरेंसिक जांच के बाद स्पष्ट होगी।

मैनेजर विनायक की भूमिका पर नजर

पुलिस के अनुसार, एजेंसी के स्थानीय मैनेजर विनायक की भूमिका भी जांच के केंद्र में है। वह घटना वाले दिन से फरार है। जांच अधिकारी यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि ऋषिकेश में कथित नियुक्तिपत्र जारी करने के लिए उसे कितने अधिकार मिले हुए थे।

उपलब्ध तथ्यों के आधार पर पुलिस विनायक के खिलाफ आगे कार्रवाई कर सकती है। उसकी गिरफ्तारी की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है, लेकिन अभी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।

जांच का दायरा एजेंसी के गांधी नगर स्थित मुख्य कार्यालय तक बढ़ाया जा रहा है। वहां के दोनों साझेदारों से पूछताछ के लिए नोटिस जारी करने की तैयारी है। पुलिस यह भी देख रही है कि स्थानीय कार्यालय और मुख्य कार्यालय के बीच कामकाज तथा दस्तावेजों का क्या संबंध था।

प्रभारी कोतवाल नवीन जोशी ने बताया कि एजेंसी के कार्यालय से लैपटॉप, कंप्यूटर और दूसरे डिजिटल दस्तावेज सील किए गए हैं। उन्होंने कहा कि विनायक घटना वाले दिन से फरार है और सौम्या की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

निष्कर्ष

पुलिस की कार्रवाई से मामले में डिजिटल रिकॉर्ड और एजेंसी के कर्मचारियों की भूमिका की जांच आगे बढ़ी है। अब फॉरेंसिक रिपोर्ट, पूछताछ और मुख्य कार्यालय से मिलने वाली जानकारी के आधार पर अगली कार्रवाई तय होगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. मामला किससे जुड़ा है?

एम्स के किच्छा सेटेलाइट सेंटर में नौकरी लगाने के नाम पर कथित फर्जी नियुक्तिपत्र जारी करने और अभ्यर्थियों से धनराशि मांगने का मामला है।

Q. पुलिस ने एजेंसी के कार्यालय से क्या लिया है?

पुलिस ने कंप्यूटर, लैपटॉप और दूसरे डिजिटल दस्तावेज सील कर अपने कब्जे में लिए हैं।

Q. स्थानीय मैनेजर विनायक की स्थिति क्या है?

विनायक घटना वाले दिन से फरार बताया गया है। पुलिस उसकी भूमिका की जांच कर रही है और गिरफ्तारी संभव है।

Q. कर्मचारी सौम्या जांच के दायरे में क्यों हैं?

कुछ कथित फर्जी दस्तावेजों पर उसके हस्ताक्षर मिलने की बात सामने आई है। उसके हस्ताक्षर और भूमिका की जांच जारी है।

Q. क्या मुख्य कार्यालय के लोगों से पूछताछ होगी?

गांधी नगर स्थित मुख्य कार्यालय के दोनों साझेदारों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी करने की तैयारी है।