चमोली के सिमली क्षेत्र में बेस अस्पताल की मांग को लेकर बेस संघर्ष समिति के सदस्य 10 दिन की पैदल यात्रा के बाद देहरादून पहुंचे। समिति का कहना है कि उनके क्षेत्र के लोग आज भी बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

मंगलवार को प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे थे। पुलिस ने उन्हें बैरिकेडिंग पर रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल निर्माण में और देरी नहीं करने की मांग उठाई।

समिति के सदस्यों ने कहा कि सिमली और आसपास के क्षेत्र के लोगों को बुनियादी इलाज के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। उनका कहना है कि इलाके में बेस अस्पताल का निर्माण जल्द शुरू होना चाहिए।

आंदोलन तेज करने की चेतावनी

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर जल्द कोई सकारात्मक फैसला नहीं हुआ तो वे बैरिकेडिंग के पास ही धरना शुरू करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने भूख हड़ताल पर जाने की चेतावनी भी दी।

फिलहाल प्रदर्शनकारियों को मुख्यमंत्री आवास तक जाने की अनुमति नहीं मिली और वे बैरिकेडिंग पर रोक दिए गए। उनकी मुख्य मांग सिमली क्षेत्र के लिए बेस अस्पताल का निर्माण शुरू करना है।

निष्कर्ष

बेस संघर्ष समिति के सदस्य 10 दिन पैदल चलकर चमोली के सिमली से देहरादून पहुंचे और बेस अस्पताल की मांग रखी। पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद समिति ने जल्द सकारात्मक फैसला नहीं होने पर धरना और भूख हड़ताल की चेतावनी दी है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q. प्रदर्शनकारी देहरादून क्यों पहुंचे?

बेस संघर्ष समिति के सदस्य अपने क्षेत्र के लिए बेस अस्पताल की मांग को लेकर देहरादून पहुंचे।

Q. प्रदर्शनकारी कहां से पैदल चले थे?

वे चमोली के सिमली से पैदल चले थे।

Q. देहरादून पहुंचने में उन्हें कितना समय लगा?

सिमली से देहरादून पहुंचने में उन्हें 10 दिन लगे।

Q. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को कहां रोका?

पुलिस ने उन्हें मुख्यमंत्री आवास की ओर जाते समय बैरिकेडिंग पर रोक दिया।

Q. समिति ने आगे क्या चेतावनी दी है?

समिति ने सकारात्मक फैसला नहीं होने पर बैरिकेडिंग के पास धरना और भूख हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी है।