उत्तरकाशी के हर्षिल क्षेत्र स्थित धराली गांव में 3 भालुओं की लगातार आवाजाही से ग्रामीणों और बागवानों की चिंता बढ़ गई है। सेब के सीजन के दौरान भालू आबादी के आसपास और बगीचों में पहुंच रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, भालुओं के आने से सेब की फसल को नुकसान हो रहा है। कई पेड़ों की टहनियां भी टूट रही हैं। इससे बागवानों को अपनी तैयार होती फसल को लेकर चिंता बनी हुई है।
सुबह-शाम बगीचों में जाने से बच रहे लोग
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ समय से 3 भालू सेब के बगीचों के आसपास दिखाई दे रहे हैं। शाम होने के बाद इनके दिखने की आशंका बढ़ जाती है। सुबह के समय भी लोग खेतों और बगीचों में अकेले जाने से बच रहे हैं।
भालुओं की मौजूदगी का असर ग्रामीणों की रोजमर्रा की गतिविधियों पर भी पड़ रहा है। बागवानों के लिए सेब के सीजन में बगीचों की निगरानी जरूरी होती है, लेकिन डर के कारण वे सावधानी बरत रहे हैं।
वन विभाग से गश्त बढ़ाने की मांग
ग्रामीणों ने वन विभाग से इलाके में गश्त बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने भालुओं की समस्या से निपटने के लिए जल्द कार्रवाई की अपील की है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते कदम नहीं उठाया गया तो कोई घटना हो सकती है।
फिलहाल ग्रामीणों की मुख्य चिंता सेब की फसल को हो रहे नुकसान और आबादी के पास भालुओं की आवाजाही को लेकर है। वन विभाग की ओर से कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
निष्कर्ष
धराली गांव में 3 भालुओं की आवाजाही से सेब की फसल और ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। ग्रामीण अब वन विभाग की गश्त और कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q. भालुओं की समस्या किस इलाके में सामने आई है?
यह मामला उत्तरकाशी के हर्षिल क्षेत्र के धराली गांव का है।
Q. गांव में कितने भालू दिखाई दे रहे हैं?
ग्रामीणों के अनुसार, 3 भालू सेब के बगीचों और आसपास के इलाकों में आ रहे हैं।
Q. भालू किस तरह का नुकसान पहुंचा रहे हैं?
भालू सेब की फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं और पेड़ों की टहनियां तोड़ रहे हैं।
Q. लोग बगीचों में अकेले क्यों नहीं जा रहे हैं?
ग्रामीणों को सुबह और शाम के समय भालुओं के दिखने का डर है। इसलिए वे खेतों और बगीचों में अकेले जाने से बच रहे हैं।
Q. ग्रामीणों ने वन विभाग से क्या मांग की है?
ग्रामीणों ने इलाके में गश्त बढ़ाने और भालुओं की समस्या पर जल्द कार्रवाई करने की मांग की है।






