एक नज़र में
- नाम
- नानकमत्ता साहिब / Gurdwara Nanakmatta Sahib
- शहर के केंद्र से दूरी
- मुख्य बाज़ार / Main Market · 15.8 किमी सीधी दूरी
- फोन
- 05948-241525
इतिहास
प्रबंधक समिति के इतिहास में गुरु नानक देव जी की यात्रा और बाद में गुरु हरगोबिंद साहिब तथा बाबा अलमस्त का इस स्थल से संबंध दर्ज है। समिति के अनुसार 1933 में सुधार समिति बनी और 1975 में कारसेवा शुरू हुई।
जानकारी का स्रोत ↗परंपराएँ और संबंधित स्थल
धूना साहिब से जुड़ी धार्मिक कथा में गुरु नानक देव जी, भाई मरदाना और योगियों के प्रसंग का उल्लेख है। प्रबंधक समिति इसे आस्था की परंपरा के रूप में बताती है। परिसर में ऐतिहासिक पीपल और भोरा साहिब भी संबंधित दर्शनीय स्थल हैं।
जानकारी का स्रोत ↗मेले और गुरुपर्व
प्रबंधक समिति की आयोजन जानकारी में दीवाली मेला एक प्रमुख वार्षिक उत्सव है। गुरुपर्वों पर भी धार्मिक आयोजन होते हैं। यात्रा तय करने से पहले उस वर्ष की तारीख और व्यवस्था कार्यालय से पूछ लें।
जानकारी का स्रोत ↗आधिकारिक संपर्क और यात्रा की तैयारी
आधिकारिक कार्यालय का पता नानकमत्ता साहिब, जिला ऊधम सिंह नगर है। कार्यालय के प्रकाशित नंबर 05948-241525 और 05948-241244 हैं। ठहरने, बड़े समूह या विशेष आयोजन की व्यवस्था सीधे कार्यालय से पूछें।
जानकारी का स्रोत ↗रेल, विमान और सड़क से
उत्तराखंड पर्यटन नानकमत्ता के लिए खटीमा रेलवे स्टेशन और पंतनगर एयरपोर्ट से आगे सड़क यात्रा बताता है। नीचे का नक्शा गुरुद्वारे की लोकेशन दिखाता है; अपने शुरुआती शहर से वास्तविक सड़क दूरी खोलें।
जानकारी का स्रोत ↗यहाँ जाने की योजना
नानकमत्ता साहिब की यात्रा की योजना बनाते समय खटीमा में अपनी शुरुआत की जगह चुनें। गाइड के केंद्र मुख्य बाज़ार से सीधी दूरी लगभग 15.84 किमी है। सड़क और पैदल दूरी अलग हो सकती है; नीचे Google Maps में सही रास्ता देखें।
जानकारी का स्रोत ↗निकलने से पहले क्या जाँचें
मौसम, प्रवेश की स्थिति और अंतिम पैदल रास्ते की जानकारी यात्रा वाले दिन जाँचें। धार्मिक स्थल पर स्थानीय आचार का पालन करें; जंगल, नदी और झील के पास चिन्हित सुरक्षित रास्ते पर रहें। पुष्टि के बिना शुल्क या खुलने का समय तय न मानें।
कैसे पहुँचें
नीचे दिया pin इस जगह का है। अपने शहर या वर्तमान लोकेशन से रास्ता खोलें; गाड़ी और पैदल की दूरी अलग हो सकती है।
🅿 पार्किंग
यहाँ पार्किंग की पुष्टि नहीं मिली। जाने से पहले पूछ लें।
पास की पार्किंग खोजें ↗यात्रा से पहले
गुरुद्वारे की मर्यादा और परिसर के निर्देशों का पालन करें। मेला या गुरुपर्व के दिन भीड़, ठहरने और पार्किंग की व्यवस्था कार्यालय से पहले पूछ लें।
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